बीसलपुर बांध में पानी की बचत, रबी सीजन के बाद भी पर्याप्त जल भंडारण
बीसलपुर डैम से 97 दिनों तक सिंचाई के बावजूद आधे से कम पानी उपयोग हुआ। अच्छी बारिश से जल भंडारण मजबूत, किसानों को अगले साल भी राहत की उम्मीद।
इस बार बीसलपुर बांध से नहरों के जरिए कुल 97 दिनों तक सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। इसके बावजूद रबी फसलों की सिंचाई पूरी होने के बाद भी आरक्षित पानी का आधे से कम उपयोग हुआ है। इससे संकेत मिलते हैं कि अगले साल भी किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल मिल सकता है।
अच्छी बारिश से कम हुई अतिरिक्त पानी की जरूरत
10 दिसंबर से दायीं और बायीं मुख्य नहरों में पानी छोड़कर सिंचाई शुरू की गई थी, जिसे हाल ही में बंद कर दिया गया। इस बार क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से बांध और तालाब पहले से ही भरे हुए थे, जिससे किसानों को अतिरिक्त पानी की जरूरत कम पड़ी।
8 टीएमसी में से सिर्फ 3.97 टीएमसी पानी ही खर्च
जल संसाधन विभाग के अनुसार, सिंचाई के लिए 8 टीएमसी पानी आरक्षित किया गया था, लेकिन केवल 3.972 टीएमसी पानी का ही उपयोग हुआ। यानी करीब 4 टीएमसी पानी की बचत हुई है। वहीं पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी पानी पहले से सुरक्षित रखा गया है।
वाष्पीकरण से जलस्तर में लगातार गिरावट
बांध परियोजना के अधिकारियों के मुताबिक, नहरों में पानी छोड़े जाने के दौरान प्रतिदिन 1 से 1.5 सेंटीमीटर तक जलस्तर घट रहा था। अब नहरें बंद होने के बाद भी गर्मी और वाष्पीकरण के कारण जलस्तर में गिरावट जारी है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 314.64 आरएल मीटर दर्ज किया गया है, जिसमें 32.705 टीएमसी पानी मौजूद है।
18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र अभी भी जलमग्न
अच्छी बारिश के कारण इस बार कैचमेंट एरिया में जलभराव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। नहरों के संचालन के बाद भी करीब 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र अभी जलमग्न है, जो सामान्य से थोड़ा कम है, लेकिन जल भंडारण की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई दोनों में राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बेहतर वर्षा, पानी की बचत और प्रभावी जल प्रबंधन के चलते आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा, जिससे किसानों और आमजन को राहत मिलेगी।
Saloni Kushwaha 
