सवाई मानसिंह अस्पताल में होस्टेज रेस्क्यू मॉक ड्रिल, ATS ERT की त्वरित कार्रवाई से बदमाश ढेर
राजधानी जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए होस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
जयपुर। राजधानी जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए होस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल राजस्थान एटीएस की ईआरटी (Emergency Response Team) द्वारा की गई।
मॉक ड्रिल के परिदृश्य के अनुसार कुछ आतंकवादी और बदमाश अस्पताल परिसर में घुस आए और इलाज के लिए आए मरीजों के परिजनों को बंधक बना लिया। बदमाशों की गतिविधि की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया।
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंची एटीएस ईआरटी टीम
सूचना पर कुछ ही मिनटों में एटीएस की ईआरटी टीम भारी सुरक्षा उपकरणों के साथ एसएमएस अस्पताल पहुंची। टीम ने अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और बंधकों को छुड़ाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया।
दो बदमाशों को किया ढेर
मॉक ड्रिल के दौरान ईआरटी टीम ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए दो बदमाशों को मार गिराया, जबकि अन्य को काबू में लेने का अभ्यास किया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान अस्पताल में सुरक्षा मानकों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और समन्वय की जांच की गई।
अस्पताल में मचा हड़कंप
ईआरटी टीम के अचानक पहुंचने और कार्रवाई शुरू होते ही अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। हालांकि, बाद में जब लोगों को यह जानकारी मिली कि यह केवल मॉक ड्रिल है, तो सभी ने राहत की सांस ली।
सुरक्षा तैयारियों का किया गया आकलन
अधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आतंकवादी हमले या आपात स्थिति में अस्पताल की सुरक्षा, पुलिस की प्रतिक्रिया समय और समन्वय व्यवस्था का आकलन करना था। इस तरह की मॉक ड्रिल से वास्तविक हालात में नुकसान को न्यूनतम करने में मदद मिलती है।
भविष्य में भी होंगी मॉक ड्रिल
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे अभ्यास भविष्य में भी समय-समय पर किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

