गजेंद्र शेखावत की चेतावनी पर जूली का पलटवार

फलोदी में जनसुनवाई के दौरान गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा अधिकारियों को दी गई सख्त चेतावनी अब राजनीतिक विवाद बन गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए इसे भाजपा की पुरानी शैली बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि शेखावत मुख्यमंत्री न बनाए जाने की हताशा अधिकारियों पर निकाल रहे हैं। जूली ने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कर्मचारियों से बिना डर काम करने की अपील की। यह मामला अब प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है।

फलोदी में जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अधिकारियों को दी गई सख्त चेतावनी – “कार्यकर्ता के साथ बदतमीजी की तो डबल बदतमीजी करूंगा, एक फोन पर तुम्हारी जिंदगी और नौकरी दोनों खराब कर दूंगा” – अब राजनीतिक तीर बन गया है....नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे बीजेपी की पुरानी आदत बताते हुए तंज कसा – “शेखावत खुद को मुख्यमंत्री न बनाए जाने और नए-नवेले भजनलाल शर्मा को कुर्सी मिलने से वे हताश हैं। इसी गुस्से का बदला वे अधिकारियों से निकाल रहे हैं। उनका लहजा स्तरहीन है, भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने में माहिर है।”जूली ने सरकार पर भी निशाना साधा और कहा – “पूरे मामले में सरकार मुंह में दही जमाकर बैठी है। यह चुप्पी कायरता है और प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के साथ विश्वासघात।” उन्होंने कर्मचारियों से अपील की – “आप संविधान के प्रहरी हैं, किसी व्यक्ति या दल के गुलाम नहीं। बिना डरे काम करें, मैं आपके लिए मजबूत ढाल बनकर खड़ा रहूंगा। कोई 20 साल का पट्टा लेकर नहीं आया, जनता ही असली मालिक है।यह बयान राजस्थान की सियासत में नई बहस छेड़ रहा है, जहां एक तरफ मंत्री का वीडियो है तो दूसरी तरफ विपक्ष का पलटवार ......