RGHS में प्राइवेट कंपनियों की एंट्री पर आर-पार: कर्मचारी और पेंशनर्स ने खोला मोर्चा!

राजस्थान के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की सेहत से खिलवाड़ करते हुए सरकार अब RGHS योजना को निजी मुनाफाखोरों की 'बीमा मंडी' बनाने पर आमादा है। प्रमुख सचिव के साथ हुई बैठक महज एक औपचारिकता साबित हुई, जहाँ सरकार ने बजट का रोना रोकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। कर्मचारियों ने दो टूक कह दिया है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में प्राइवेट कंपनियों की 'घुसपैठ' किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेंशनर्स को दरकिनार कर और ओपीडी सुविधाओं पर कैंची चलाकर सरकार जिस 'सुचारू व्यवस्था' का ख्वाब दिखा रही है, वह असल में आम कर्मचारी के हक पर डकैती है। अगर हुक्मरानों ने अपनी जिद नहीं छोड़ी, तो सचिवालय से लेकर सड़कों तक ऐसा उग्र आंदोलन होगा कि सरकार को अपनी इस तानाशाही नीति को वापस लेने पर मजबूर होना पड़ेगा।बैठक में गजेन्द्र सिंह राठौड़, महावीर शर्मा, कुलदीप सिंह यादव, कजोड़मल मीना,अजयवीर सिंह महावीर सिहाग आदि शामिल रहे।