बस की खिड़की तोड़कर बाहर निकले पार्षद, तिजारा चुनाव से पहले का VIDEO वायरल

तिजारा नगर परिषद चुनाव से पहले पार्षदों को रोके जाने के विवाद के बीच बस की खिड़की तोड़कर बाहर निकलते पार्षदों का वीडियो वायरल है। मामले में हाईकोर्ट ने मतदान का समय बढ़ाया था।

बस की खिड़की तोड़कर बाहर निकले पार्षद, तिजारा चुनाव से पहले का VIDEO वायरल

तिजारा नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले 18 पार्षदों को हरियाणा में रोके जाने का कांग्रेस ने आरोप लगाया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ पार्षद बस की टूटी खिड़की से बाहर निकलते नजर आ रहे हैं। मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मतदान का समय बढ़ाया गया था।

बस की खिड़की तोड़कर बाहर निकलते दिखे पार्षद

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले का घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है। करीब तीन मिनट का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पार्षद बस की टूटी हुई खिड़की से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश से तिजारा लौट रहे कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला क्षेत्र में रोके जाने का विवाद सामने आया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि पार्षदों को मतदान से रोकने के लिए उन्हें हिरासत में रखा गया।

18 पार्षदों को रोके जाने का आरोप

कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि करीब 18 पार्षदों को चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास रोका गया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में पार्षदों को आगे जाने से रोका गया और उनकी आवाजाही प्रतिबंधित की गई।

दूसरी ओर, इस घटनाक्रम को लेकर पुलिस और भाजपा पक्ष का अलग पक्ष भी सामने आया है। इसलिए पार्षदों को जबरन बंधक बनाने या अपहरण किए जाने के आरोपों को जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

वायरल वीडियो में पार्षद एक बस के अंदर नजर आते हैं। इसके बाद बस की एक खिड़की का शीशा टूटा हुआ दिखाई देता है और कुछ पार्षद उसी रास्ते से बाहर निकलते नजर आते हैं।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम के दौरान बस की खिड़की टूटने के बाद पार्षदों के बाहर निकलने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे।

हालांकि वायरल वीडियो अपने आप में यह साबित नहीं करता कि शीशा किस परिस्थिति में और किसके द्वारा तोड़ा गया। घटना की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद देर रात हुआ मतदान

पार्षदों के रोके जाने के विवाद के कारण तिजारा में सभापति चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मतदान का समय रात 10 बजे तक बढ़ाया गया।

इसके बाद पार्षद देर रात तिजारा पहुंचे और मतदान प्रक्रिया में शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार सभापति पद के चुनाव में कांग्रेस समर्थित रामावतार सैनी को 18 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सुभाष सैनी को 16 वोट मिले और एक वोट निरस्त हुआ।

डोटासरा ने BJP और पुलिस पर लगाए आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि पुलिस और प्रशासन के इस्तेमाल के जरिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों को मतदान से रोकने का प्रयास किया गया।

डोटासरा के इन आरोपों को कांग्रेस का राजनीतिक दावा मानते हुए देखा जाना चाहिए। निकाय चुनाव के दौरान पार्षदों की बाड़ेबंदी और पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पहले भी कई जगह आरोप लगा चुकी है।

चुनाव के बाद भी जारी है सियासी विवाद

तिजारा नगर परिषद का चुनाव खत्म होने के बाद भी पार्षदों को रोके जाने और बस की खिड़की टूटने का मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर घटना के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

मामले में सामने आए आरोपों, पुलिस के पक्ष और किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष से ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।