गुमनामी से शोहरत तक, इन फिल्मों ने दिलाई नाना पाटेकर को पहचान

नाना पाटेकर ने 'गमन' से फिल्मी सफर शुरू किया था। जानिए 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'अब तक छप्पन' और 'वेलकम' जैसी फिल्मों ने उन्हें कैसे बड़ी पहचान दिलाई।

गुमनामी से शोहरत तक, इन फिल्मों ने दिलाई नाना पाटेकर को पहचान
Nana Patekar

Nana Patekar Famous Movies: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। करीब पांच दशक के अपने फिल्मी सफर में नाना पाटेकर ने ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें आज भी दर्शक याद करते हैं। हालांकि, एक समय ऐसा भी था जब वह फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनकी कुछ फिल्मों ने उनके करियर को ऐसी दिशा दी कि वह बॉलीवुड के सबसे दमदार अभिनेताओं में गिने जाने लगे।

'गमन' से शुरू हुआ था नाना पाटेकर का सफर

नाना पाटेकर ने साल 1978 में फिल्म 'गमन' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। शुरुआती दौर में उन्हें छोटे और सीमित किरदार मिले, लेकिन उन्होंने हर भूमिका को अपने अभिनय से खास बनाने की कोशिश की।

धीरे-धीरे उन्हें ऐसे किरदार मिलने लगे, जिनमें उनकी अभिनय क्षमता खुलकर सामने आई। इसके बाद उनके करियर में कई ऐसी फिल्में आईं, जिन्होंने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।

'परिंदा' ने दिलाई बड़ी पहचान

साल 1989 में रिलीज हुई 'परिंदा' नाना पाटेकर के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में उन्होंने अन्ना सेठ का किरदार निभाया था। उनके खतरनाक और प्रभावशाली अभिनय को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों ने भी खूब सराहा।

'परिंदा' के लिए नाना पाटेकर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस फिल्म के बाद उनके अभिनय की अलग पहचान बन गई।

'क्रांतिवीर' ने बना दिया स्टार

नाना पाटेकर की सबसे यादगार फिल्मों में 'क्रांतिवीर' का नाम भी शामिल है। 1994 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था।

फिल्म में उनके दमदार संवाद और आक्रामक अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। इस भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

'अग्निसाक्षी' में दिखा अभिनय का अलग अंदाज

साल 1996 में आई 'अग्निसाक्षी' में नाना पाटेकर ने एक ऐसे किरदार को पर्दे पर उतारा, जिसमें उनका जुनूनी और खतरनाक अंदाज देखने को मिला। फिल्म में उनके अभिनय की काफी चर्चा हुई।

इस फिल्म ने यह भी दिखाया कि नाना पाटेकर सिर्फ गंभीर सामाजिक या एक्शन भूमिकाओं तक सीमित नहीं थे, बल्कि जटिल किरदारों को भी बेहद प्रभावी तरीके से निभा सकते थे।

'तिरंगा' के डायलॉग आज भी हैं याद

'तिरंगा' में नाना पाटेकर ने पुलिस अधिकारी शिवाजी राव वाघ का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके साथ राज कुमार भी नजर आए थे।

नाना पाटेकर के दमदार संवाद और अभिनय ने इस फिल्म को खास बनाया। फिल्म के कई डायलॉग आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।

'अब तक छप्पन' में पुलिस अफसर बनकर जीता दिल

साल 2004 में आई 'अब तक छप्पन' में नाना पाटेकर ने पुलिस अधिकारी साधु आगाशे का किरदार निभाया। फिल्म में उनका शांत लेकिन बेहद प्रभावशाली अंदाज देखने को मिला।

इस फिल्म ने नाना पाटेकर की उस छवि को और मजबूत किया, जिसमें वह बिना ज्यादा शोर-शराबे के सिर्फ अपने अभिनय से किरदार को प्रभावी बना देते थे।

'वेलकम' में कॉमेडी से चौंकाया

नाना पाटेकर को आमतौर पर गंभीर और दमदार भूमिकाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन 'वेलकम' में उन्होंने उदय शेट्टी का किरदार निभाकर अपनी कॉमेडी टाइमिंग से भी दर्शकों को खूब हंसाया।

अक्षय कुमार, अनिल कपूर और परेश रावल जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म में नाना पाटेकर का किरदार बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उनकी कॉमिक एक्टिंग को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।

'नटसम्राट' में दिखी अभिनय की गहराई

मराठी फिल्म 'नटसम्राट' में नाना पाटेकर ने गणपत रामचंद्र बेलवलकर का किरदार निभाया। यह भूमिका उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में गिनी जाती है।

फिल्म में एक उम्रदराज रंगमंच कलाकार के जीवन, रिश्तों और संघर्ष को उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में पर्दे पर उतारा। इस फिल्म ने एक बार फिर साबित किया कि नाना पाटेकर सिर्फ संवाद बोलने वाले अभिनेता नहीं, बल्कि किरदार के भीतर उतरकर उसे जीने वाले कलाकार थे।

गुमनामी से दिग्गज अभिनेता तक का सफर

नाना पाटेकर का सफर एक ऐसे कलाकार का रहा, जिसने छोटे किरदारों से शुरुआत की और अपनी मेहनत, अलग आवाज और दमदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में खास मुकाम बनाया।

'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी', 'तिरंगा', 'अब तक छप्पन', 'वेलकम' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों ने उनके करियर को अलग-अलग पड़ावों पर नई पहचान दी। यही वजह है कि नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा के यादगार अभिनेताओं में गिना जाता है।