Rajasthan Rituals: राजस्थान की अनोखी परंपरा, जहां मां सबके सामने दूल्हे को कराती हैं स्तनपान, IPS केके बिश्नोई की तस्वीर वायरल

Rajasthan Rituals: बाड़मेर के धोरीमन्ना में आईपीएस कृष्णा कुमार बिश्नोई की मां ने राजस्थान की पुरानी परंपरा को निभाया, जिसने सभी की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। आइए जानते हैं क्या है ये परंपरा...

Rajasthan Rituals: राजस्थान की अनोखी परंपरा, जहां मां सबके सामने दूल्हे को कराती हैं स्तनपान, IPS केके बिश्नोई की तस्वीर वायरल
Ips kk bishoni and anshika verma

Rajasthan Rituals: राजस्थान अपने संस्कृति के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। फिर अगर शादी की बात हो तब तो यहां की रस्में देखने योग्य होती हैं। कुछ परंपराएं ऐसी होती हैं जिन्हें लोग बेहद पवित्र मानते हैं। ऐसी ही एक परंपरा है स्तनपान कराने की, जी हां दूल्हे की मां बारात जाने के पहले सबके सामने कराती हैं। यह भले ही सुनने में बहुत ही अजीब लग रहा है लेकिन इससे बहुत पुरानी मान्यताएं और भावनाएं छुपी हैं। यही कारण है कि राजस्थान के बड़े से बड़े लोग हों या छोटे से छोटे लोग सभी इस परंपरा को बड़े खुशी से निभाते हैं। आज बाड़मेर के धोरीमन्ना में आईपीएस कृष्णा कुमार बिश्नोई की मां ने भी इस परंपरा को निभाया, जिसने सभी की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। 

एसपी आंशिका के होने जा रहे आईपीएस कृष्णा कुमार

दरअसल, बाड़मेर में जन्में केके विश्नोई उत्तर प्रदेश के संभल के एसपी हैं। जिनका विवाह उत्तर प्रदेश निवासी एसपी आंशिका वर्मा से होने जा रहा है। दोनों का विवाह जोधपुर में हो रहा है जहां यूपी और राजस्थान के तमाम जाने माने लोगों के शामिल होने की संभावना है। बताया जाता है कि दोनों की मुलाकात गोरखपुर में हुई थी। इस शादी के चर्चे देश भर में हो रहे हैं। जिसका एक वीडियो स्तनपान रिवाज का भी है जो तेजी से वायरल हो रहा है, आइए इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

क्या है इस रस्म का असली मतलब?

राजस्थान के लोगों के अनुसार एक बच्चे के लिए दुनिया का सबसे अच्छा पोषण मां का दूध होता है, ऐसे में जब बेटा अपने जिंदगी का इतना बड़ा काम करने जा रहा है तो उस समय उसे मां द्वारा पोषण दिया जाता है। इसके साथ में यह मां बेटे के रिश्ते को मजबूती देने का काम भी करता है। माना जाता है कि पत्नी के आने के बाद बेटा मां के प्यार को भूल ना जाए इसके लिए भी यह रस्म होती है। 

भाभी भी निभाती हैं यह परंपरा

कुछ शादियों में आपने देखा होगा कि दूल्हे की भाभी स्तनपान कराती हैं। दरअसल अगर दूल्हे की मां नहीं है तो हमारे पूर्वजों ने भाभी को मां का दर्जा दिया है ऐसे में मां समान भाभी स्तनपान कराके इस परंपरा को निभाती हैं। हालांकि आधुनिक युग में कई स्तनों पर सिर्फ मां के आंचल के पास दूल्हे का सर ले जाया जाता है और प्रतीकात्मक रूप से इस परंपरा का निर्वहन किया जाता है। 

कुछ लोग इस परंपरा को पुरानी सोच का हिस्सा, असहज करने वाला और निजी सीमा पार करने वाला मानते हैं और विरोध भी करते हैं।