दिल्ली में तीसरे दिन भी विपक्ष का हल्लाबोल, खड़गे ने फिर सांसदों को लंच पर बुलाया; राहुल-प्रियंका के खिलाफ FIR से सियासत गरमाई

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन जारी है। खड़गे ने फिर INDIA ब्लॉक सांसदों को लंच पर बुलाया है। जानिए इसके बाद क्या है विपक्ष की अगली रणनीति और क्यों बढ़ा दिल्ली में तनाव।

दिल्ली में तीसरे दिन भी विपक्ष का हल्लाबोल, खड़गे ने फिर सांसदों को लंच पर बुलाया; राहुल-प्रियंका के खिलाफ FIR से सियासत गरमाई

देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्षी गठबंधन INDIA के नेताओं ने लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को एक बार फिर INDIA ब्लॉक के सांसदों को दोपहर 1.45 बजे कनॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में लंच पर बुलाया है। इस मुलाकात को विपक्ष की एकजुटता और आगे की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लंच के बाद विपक्षी नेताओं के राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े मामलों में FIR दर्ज होने की खबरों के बीच राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

लगातार दूसरे दिन खड़गे ने विपक्षी सांसदों को लंच पर बुलाया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे विपक्षी गठबंधन को एक मंच पर बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। बुधवार को भी उन्होंने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में INDIA गठबंधन के सांसदों के लिए लंच का आयोजन किया था।

लंच के बाद विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और SIR की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।

अब गुरुवार को खड़गे ने एक बार फिर INDIA ब्लॉक के सांसदों को दोपहर 1.45 बजे कनॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में लंच पर आमंत्रित किया है। माना जा रहा है कि इस दौरान विपक्षी नेताओं के बीच मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और विरोध प्रदर्शन की आगामी रणनीति को लेकर भी बातचीत हो सकती है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के कई दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है। उनका कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने और अपात्र या दोहराई गई प्रविष्टियों को हटाने के लिए पुनरीक्षण की प्रक्रिया जरूरी है।

 जंतर-मंतर पर राहुल और प्रियंका ने किया विरोध प्रदर्शन

बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी विरोध जताया।

विपक्ष का कहना है कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।

राहुल और प्रियंका के खिलाफ FIR से बढ़ा राजनीतिक विवाद

दिल्ली में जारी प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर दोनों नेताओं सहित अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई से विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों और FIR की संख्या को लेकर आधिकारिक विवरण की पुष्टि आवश्यक है।

 लंच के बाद राजघाट जाकर गांधीजी को देंगे श्रद्धांजलि

गुरुवार को कनॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में प्रस्तावित लंच के बाद विपक्षी सांसदों का राजघाट जाने का कार्यक्रम है। यहां नेता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे।

राजनीतिक दृष्टि से विपक्ष के इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी गठबंधन अपने आंदोलन के माध्यम से लोकतांत्रिक अधिकारों, संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास कर रहा है।

लगातार तीसरे दिन विपक्षी नेताओं की सक्रियता इस बात का संकेत है कि फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव कम होने की संभावना नहीं है।

क्या विपक्ष की एकजुटता बनेगी सरकार के लिए चुनौती?

लगातार जारी राजनीतिक गतिविधियों ने दिल्ली की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस के साथ अन्य विपक्षी दलों की भागीदारी इस आंदोलन को व्यापक राजनीतिक स्वरूप दे रही है।

विपक्ष इस मुद्दे को केवल मतदाता सूची के संशोधन तक सीमित रखने के बजाय चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जोड़ रहा है।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के आरोपों को खारिज करती रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल सभी की नजरें गुरुवार को खड़गे की ओर से आयोजित लंच और उसके बाद विपक्षी सांसदों के राजघाट कार्यक्रम पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि INDIA गठबंधन अपने विरोध प्रदर्शन को किस दिशा में आगे बढ़ाता है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अगली रणनीति क्या अपनाता है।