राजस्थान में फिर लौटेगा मानसून का जोर, 29 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश के आसार; कई जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट
28 जुलाई से राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय होगा। 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कई जिलों में भारी बारिश, 70–80 किमी/घंटा की तेज हवाओं और येलो अलर्ट की चेतावनी जारी।
राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन यह विराम ज्यादा लंबा नहीं रहने वाला। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और जयपुर मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 28 जुलाई से प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने लगेगा, जबकि 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कई जिलों में अच्छी बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
क्यों कमजोर पड़ा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) में बदल गया है। इसी वजह से 27 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी। हालांकि दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बारिश
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में यह और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बन सकता है। इसी सिस्टम के प्रभाव से 28 जुलाई से पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर तेज होगा और 29 जुलाई से पूरे प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं।
इन जिलों में रहेगा बारिश और आंधी का असर
जयपुर मौसम केंद्र ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़ और सवाई माधोपुर शामिल हैं।
इसके अलावा जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों तथा बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है।
तेज हवाओं का भी अलर्ट
बारां, कोटा, बूंदी, सिरोही, भीलवाड़ा, सीकर, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, राजसमंद और टोंक समेत कई जिलों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

राजस्थान पर इन मौसम प्रणालियों का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के मौसम को कई सक्रिय सिस्टम प्रभावित कर रहे हैं—
- पश्चिमी राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
- मानसून ट्रफ पश्चिमी राजस्थान से होते हुए मध्य भारत और बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
- मध्य भारत के ऊपर ईस्ट-वेस्ट शियर जोन सक्रिय बना हुआ है।
- पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में प्रभावी है।
- इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी रहेंगी।
पिछले 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
पश्चिमी राजस्थान में बीते 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 90 मिमी बारिश बाड़मेर के सेड़वा में रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा—
कल्याणपुरा – 67 मिमी
बटाडू – 64 मिमी
नाकोड़ा – 57 मिमी
रानीवाड़ा – 50 मिमी
बायतू – 49 मिमी
चौहटन – 41 मिमी
भीनमाल – 25 मिमी
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, 29 जुलाई से 2 अगस्त तक राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में अच्छी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
इसके अलावा 1 से 5 अगस्त के बीच बंगाल की खाड़ी में एक और नया मौसमी तंत्र बनने के संकेत मिले हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है, तो राजस्थान में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि यह दीर्घकालिक पूर्वानुमान है, जिसमें समय के साथ बदलाव संभव है।
मुख्य बातें-
28 जुलाई से राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना।
29 जुलाई से 2 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश के आसार।
बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन बारिश की गतिविधियां बढ़ाएगा।
कई जिलों में 70–80 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी।
बाड़मेर के सेड़वा में सबसे अधिक 90 मिमी बारिश दर्ज की गई।
1 से 5 अगस्त के बीच एक और नया मौसमी सिस्टम बनने के संकेत।

