राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- उनके रुख से आश्चर्यचकित हूं; सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगा विपक्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सोमवार को CJI को ज्ञापन सौंपेगा। जानें वोट चोरी विवाद में विपक्ष की मांगें।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष ने अपना विरोध तेज कर दिया है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। बैठक के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति के रुख से वह आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को ज्ञापन सौंपने जाएगा।
राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष ने राष्ट्रपति के सामने चुनाव प्रक्रिया और वोट चोरी से जुड़े अपने आरोप रखे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इन आरोपों को सीधे खारिज नहीं किया, बल्कि सबूत पेश करने को कहा। राहुल ने कहा कि विपक्ष अपने पास मौजूद सबूत राष्ट्रपति के सामने रखेगा और इस मामले में सभी उपलब्ध रास्ते अपनाएगा।
'हम कोई भी रास्ता नहीं छोड़ेंगे'
राष्ट्रपति भवन से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गए थे, लेकिन वहां उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को धक्का दिया गया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया। राहुल के अनुसार, इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन वहां भी उन्हें जाने से रोका गया।
राहुल गांधी ने कहा कि अब विपक्ष ने राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखी है और सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए सभी उपलब्ध संवैधानिक रास्ते अपनाएगा।
विपक्ष ने ज्ञापन में लगाए चुनावी गड़बड़ी के आरोप
INDIA गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के चुनावों का उल्लेख किया गया है।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों में EVM और मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अनुच्छेद 326 का हवाला, मतदान के अधिकार पर जोर
विपक्षी नेताओं ने अपने ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला देते हुए मतदान के अधिकार को प्रतिनिधि लोकतंत्र की बुनियाद बताया। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी चुनाव प्रक्रिया की संवैधानिक निष्पक्षता बनाए रखना है और उसे जवाबदेही से बचना नहीं चाहिए।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता जरूरी है। अब इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने के विपक्ष के प्रस्ताव पर नजर रहेगी।
अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पर नजर
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष ने न्यायपालिका के सामने भी अपना पक्ष रखने की तैयारी की है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अपने आरोपों से जुड़े सबूत प्रस्तुत करेगा। हालांकि, चुनावों में कथित गड़बड़ी को लेकर विपक्ष के दावों और उनके समर्थन में पेश किए जाने वाले सबूतों की स्वतंत्र जांच तथा संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया इस विवाद के महत्वपूर्ण पहलू होंगे।

