जयपुर में खुलेगा राजस्थान का पहला सरकारी फिजियोथैरेपी कॉलेज, इसी सत्र में 120 सीटों पर मिलेगा एडमिशन
राजस्थान में 2026-27 से सरकारी स्तर पर पहला फिजियोथैरेपी कॉलेज शुरू होगा। BPT की 100 और MPT की 20 सीटों पर प्रवेश प्रस्तावित है।
फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। राजस्थान सरकार ने जयपुर स्थित राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) के कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 से फिजियोथैरेपी के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। सरकारी स्तर पर शुरू होने वाला यह प्रदेश का पहला फिजियोथैरेपी कॉलेज होगा।
इस कॉलेज में कुल 120 सीटों पर प्रवेश प्रस्तावित है। इनमें बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी (BPT) की 100 और मास्टर ऑफ फिजियोथैरेपी (MPT) की 20 सीटें शामिल हैं। हालांकि, प्रवेश प्रक्रिया, फीस और अन्य शैक्षणिक औपचारिकताओं से जुड़ी जानकारी के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करना होगा।
BPT की 100 और MPT की 20 सीटें
नए कॉलेज में विद्यार्थियों को फिजियोथैरेपी की पढ़ाई के लिए दो स्तरों पर अवसर मिलेंगे। BPT स्नातक पाठ्यक्रम है, जबकि MPT स्नातकोत्तर स्तर का कोर्स है। फिजियोथैरेपी में विशेषज्ञता हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थी MPT के माध्यम से आगे की पढ़ाई कर सकेंगे।
MPT की 20 सीटों को चार विशेषज्ञताओं में बांटा गया है। मस्कुलोस्केलेटल साइंस, न्यूरो साइंस, कार्डियो-पल्मोनरी साइंस और स्पोर्ट्स साइंस में पांच-पांच सीटें निर्धारित की गई हैं। इससे विद्यार्थियों को फिजियोथैरेपी के अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
सेल्फ फाइनेंस स्कीम पर चलेगा कॉलेज
कॉलेज को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के बावजूद इसके संचालन की व्यवस्था को समझना विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। यह संस्थान सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत संचालित होगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज की स्थापना और संचालन के लिए अलग से वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी।
BPT और MPT पाठ्यक्रमों की फीस विश्वविद्यालय की बैठक में निर्धारित की जाएगी। इसलिए एडमिशन लेने की योजना बना रहे विद्यार्थियों को फीस संबंधी आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए।
RUHS परिसर में चिह्नित हुआ भवन
कॉलेज के संचालन के लिए RUHS परिसर में एक मंजिला भवन चिह्नित किया गया है। हालांकि, पढ़ाई शुरू करने के लिए बुनियादी ढांचे के साथ जरूरी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।
कॉलेज में टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों की स्वीकृति तथा भर्ती की प्रक्रिया आगे की प्रमुख जरूरतों में शामिल है। पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले आवश्यक फैकल्टी और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
RUHS का पांचवां प्रमुख संघटक कॉलेज
राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में पहले से कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज, मेडिकल कॉलेज, कॉलेज ऑफ नर्सिंग और कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज संचालित हैं। अब कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज को स्वीकृति मिलने के बाद यह विश्वविद्यालय का पांचवां प्रमुख संघटक कॉलेज होगा।
नए संस्थान को नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस (NCAHP), नई दिल्ली की निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करना होगा। ऐसे में कॉलेज के संचालन और प्रवेश प्रक्रिया में संबंधित नियामक मानकों का पालन भी महत्वपूर्ण रहेगा।
विद्यार्थियों को अब किन बातों का इंतजार?
स्वीकृति के बाद विद्यार्थियों की नजर अब प्रवेश प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा पर रहेगी। आवेदन की तारीख, पात्रता, चयन प्रक्रिया, फीस और कक्षाएं शुरू होने की जानकारी विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना से स्पष्ट होगी।
सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी RUHS की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें। कॉलेज में निर्धारित सीटों पर प्रवेश और शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
---

