10 मिनट की डिलीवरी, लेकिन स्टोरेज का हाल? जयपुर में Zepto डार्क स्टोर पर छापा, 1550 डेयरी पैकेट नष्ट
जयपुर के रामनगरिया विस्तार स्थित Zepto डार्क स्टोर पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की। जांच में तापमान मानकों में कमी के बीच सरस-अमूल के करीब 1550 डेयरी पैकेट, 100 किलो क्षतिग्रस्त और 7 किलो एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
घर बैठे कुछ ही मिनटों में दूध-दही और किराना सामान पहुंचाने वाली क्विक-कॉमर्स सर्विस को लेकर जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने स्टोरेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत विभाग की टीम ने **रामनगरिया विस्तार स्थित Zepto के डार्क स्टोर** का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में डेयरी और अन्य खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं मिली, जिसके बाद उसे नष्ट कराया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने **जे.डी.एस. मार्केटिंग के वेयरहाउस** का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, यह परिसर Zepto के डार्क स्टोर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच के दौरान सबसे गंभीर मामला डेयरी उत्पादों के तापमान को लेकर सामने आया।
कोल्ड स्टोरेज में तापमान मानकों पर सवाल
निरीक्षण के दौरान कोल्ड रूम और डीप फ्रीजर में तापमान करीब **6 से 14 डिग्री सेल्सियस** के बीच दर्ज किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक डेयरी उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए निर्धारित तापमान बनाए रखना जरूरी है।
मानकों के पालन में कमी मिलने के बाद टीम ने **सरस और अमूल के दूध, दही और छाछ के करीब 1550 पैकेट** नष्ट कराए। विभाग की कार्रवाई के बाद अब सवाल यह है कि जिन उत्पादों को उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचाने के लिए रखा गया था, उनके स्टोरेज की निगरानी किस स्तर पर हो रही थी।
100 किलो डैमेज सामान भी मिला
कार्रवाई केवल दूध-दही तक सीमित नहीं रही। निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में करीब **100 किलो क्षतिग्रस्त खाद्य सामग्री** भी मिली। विभाग के अनुसार यह सामान अलग रखने के बावजूद उस पर ‘नॉट फॉर सेल’ का टैग नहीं लगाया गया था।
अधिकारियों ने इस सामग्री को भी मौके पर नष्ट करा दिया। इसके अलावा करीब **7 किलो एक्सपायरी खाद्य सामग्री** बरामद हुई, जिसे जब्त करने के बाद नष्ट कर दिया गया।
पीनट बटर और हनी के सैंपल जांच के लिए भेजे
निरीक्षण के दौरान टीम ने **पीनट बटर और हनी के सैंपल** भी लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट होगी।
फर्म पर होगी वैधानिक कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई के बाद संबंधित फर्म के खिलाफ **खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम** के तहत नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

