कैला देवी चैत्र लक्खी मेला 16 मार्च से, तैयारियों के निरीक्षण में दिखीं कई खामियां
करौली में 16 मार्च से शुरू होने वाले कैला देवी चैत्र लक्खी मेले से पहले जिला कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर फुटपाथ, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में कमी सामने आई।
राजस्थान के Karauli जिले में प्रसिद्ध Kaila Devi Chaitra Lakkhi Mela 16 मार्च से शुरू होने जा रहा है। मेले से पहले व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर Neela Saxena ने अधिकारियों के साथ गंगापुर मोड़ से Kaila Devi Temple तक जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं।
फुटपाथ गायब, सड़क पर चलने को मजबूर श्रद्धालु
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई जगहों पर फुटपाथ पूरी तरह मिट्टी से भर गए हैं या गायब हो चुके हैं। कई स्थानों पर अवैध अतिक्रमण और कचरे के ढेर भी दिखाई दिए। ऐसे में नंगे पैर चलने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था अधूरी
मार्ग में पड़ने वाली ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। कई स्थानों पर पानी की व्यवस्था नहीं थी और साफ-सफाई भी ठीक नहीं पाई गई। जबकि हर साल इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
पंचना बांध पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पदयात्रा मार्ग में आने वाले Panchna Dam पर श्रद्धालु स्नान भी करते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर दिखाई दी। मौके पर सिविल डिफेंस या एसडीआरएफ की टीमें मौजूद नहीं थीं और केवल सीमित पुलिस बल तैनात नजर आया। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई।
कलेक्टर ने बाइक से किया पूरे मार्ग का निरीक्षण
जिला कलेक्टर Neela Saxena ने एसडीएम Premraj Meena और अन्य अधिकारियों के साथ बाइक से पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान पदयात्रियों के लिए पानी, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली गई।
प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था का दिया भरोसा
प्रशासन का कहना है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। रास्तों पर पीने के पानी की व्यवस्था, छाया के इंतजाम और हर एक किलोमीटर पर अस्थायी शौचालय बनाने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं और श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल भी तैयार किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से मेले को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग की अपील भी की है।
Saloni Kushwaha 
