प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक लगे 'बंद करो, दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा बोलीं- आंदोलन नहीं रुकेगा

दिल्ली में CJP और AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नारेबाजी से हंगामा हो गया। नेहा बोरा ने आंदोलन जारी रखने की बात कही और पत्रकारों पर कथित कार्रवाई का मुद्दा उठाया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक लगे 'बंद करो, दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा बोलीं- आंदोलन नहीं रुकेगा
Neha bora

दिल्ली में CJP और AISA की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा अपनी बात रख रही थीं। कार्यक्रम में कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। रिपोर्टों के मुताबिक, 'बंद करो, दफा हो जाओ' जैसे नारे लगाए गए, जिसके बाद आयोजकों से विरोध कर रहे लोगों को बाहर ले जाने के लिए कहा गया।

नेहा बोरा के बोलते ही शुरू हुई नारेबाजी

15 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई लोग मौजूद थे। नेहा बोरा के संबोधन के दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

हंगामे के बीच नेहा बोरा ने आयोजकों से विरोध कर रहे लोगों को बाहर निकालने को कहा। घटना के वीडियो और रिपोर्टों में भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शोर-शराबे की पुष्टि हुई है।

आंदोलन जारी रखने का दावा

हंगामे के बावजूद नेहा बोरा ने अपने संबोधन में आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ कथित कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।

बोरा ने आरोप लगाया कि कुछ पत्रकारों को हिरासत में लिया गया, उनके कैमरे छीने गए और उन्हें प्रदर्शन की कवरेज से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने महिला पत्रकारों से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के मामलों का भी जिक्र किया। ये आरोप उनके द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए हैं।

'न्याय मांगने वालों को निशाना बनाया जा रहा'

नेहा बोरा ने दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय न्याय की मांग कर रहे नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन दिल्ली तक सीमित नहीं है और देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे जारी रखने की बात कही।

बांग्लादेश के छात्र आंदोलन का भी किया जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा के पुराने बयान का मुद्दा भी चर्चा में रहा। उन्होंने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन और भारत में चल रहे Gen-Z आंदोलन के बीच समानता की बात कही थी।

उन्होंने बांग्लादेश के आंदोलन का जिक्र करते हुए वहां के प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता भी जताई थी। इस बयान को लेकर उन्हें राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ा है।

CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहा विरोध

CJP और उससे जुड़े छात्र संगठनों का मौजूदा आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी SIR यानी Special Intensive Revision के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

दूसरी ओर, मतदाता सूची से जुड़े आरोपों और प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे हैं। इसलिए प्रदर्शनकारियों के आरोपों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके दावों के तौर पर देखा जाना चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी जारी रही सियासी हलचल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए हंगामे ने दिल्ली में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है। CJP की ओर से 16 अक्टूबर को 'लहरा दो तिरंगा' मार्च की घोषणा भी की गई है।