भीलवाड़ा में महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश, चोरी के बाद गहने निगल जाती थीं आरोपी

Bhilwara Crime News: राजस्थान के भीलवाड़ा में महिला चोर गिरोह का खुलासा हुआ है। आरोपी महिलाएं मंदिरों और मेलों में गहने चोरी कर उन्हें निगल जाती थीं। एक्स-रे में मंगलसूत्र और सोने के मोती मिलने के बाद ऑपरेशन कर उन्हें बाहर निकाला गया।

भीलवाड़ा में महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश, चोरी के बाद गहने निगल जाती थीं आरोपी
गिरफ्तार महिला चोर गैंग

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने एक ऐसे महिला चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसकी कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली है। यह गिरोह धार्मिक मेलों और मंदिरों में भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से सोने के गहने चोरी करता था। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरी के बाद आरोपी महिलाएं सबूत छिपाने के लिए गहनों को निगल जाती थीं।

मंदिर मेले में दिया वारदात को अंजाम

यह घटना कोटड़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध चारभुजा नाथ मंदिर की है, जहां रंगोत्सव और फाग मेले के कारण भारी भीड़ जुटी हुई थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कथित ‘बाछड़ा गैंग’ की महिलाएं सक्रिय हो गईं। इसी दौरान एक महिला श्रद्धालु राधा अहीर के गले से किसी ने चुपके से उनका सोने का मंगलसूत्र और छह सोने के मोतियों वाला हार काट लिया। जब वह मंदिर से बाहर निकलीं तो उन्हें गहने गायब होने का पता चला।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता ने कोटड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए संदिग्ध महिलाओं की पहचान की। जांच के बाद पुलिस ने गुरुवार शाम को गिरोह की महिलाओं को हिरासत में ले लिया।

एक्स-रे में सामने आया चौंकाने वाला सच

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। एक्स-रे रिपोर्ट देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। एक महिला के पेट में मंगलसूत्र और सोने के मोती साफ दिखाई दे रहे थे। इसके बाद आरोपी महिला को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से मंगलसूत्र और छह सोने के मोती सुरक्षित बाहर निकाले।

मध्य प्रदेश के नीमच से जुड़ा है गिरोह

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार महिलाएं मध्य प्रदेश के नीमच जिले के अलग-अलग गांवों की रहने वाली हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह कार से राजस्थान पहुंचता था और बड़े धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।

यह पूरा मामला दर्शाता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न दिखाएं, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के सामने उनका बच पाना मुश्किल हो जाता है।