देशभर में गूंजेगा वंदे मातरम्, राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे जयपुर बनेगा ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी

आज पूरा देश राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की गूंज से सराबोर होने जा रहा है। भारत के राष्ट्रीय गीत की रचना को पूरे 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। 7 नवंबर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे लिखा था, और आज इसकी रचना का 150वां वर्ष मनाया जा रहा है।

देशभर में गूंजेगा वंदे मातरम्, राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे जयपुर बनेगा ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी

नई दिल्ली आज पूरा देश राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की गूंज से सराबोर होने जा रहा है। भारत के राष्ट्रीय गीत की रचना को पूरे 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। 7 नवंबर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे लिखा था, और आज इसकी रचना का 150वां वर्ष मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस ऐतिहासिक अवसर पर एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान “वंदे मातरम् @150” का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम के तहत देशभर के 150 प्रमुख स्थलों पर एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा।

 जयपुर बनेगा राष्ट्रीय उत्सव का केंद्र

राजस्थान की राजधानी जयपुर आज इस अमर गीत के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का साक्षी बनेगा। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां करीब 50 हजार लोग एक साथ वंदे मातरम् का गायन करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, एकता और स्वदेशी भावना को समर्पित होगा। यह कार्यक्रम केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि एक वर्षव्यापी उत्सव का प्रारंभ है। “वंदे मातरम् @150” अभियान 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा।

 राजस्थान के 9 जिलों में भी होंगे कार्यक्रम

मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह अभियान राजस्थान के हर कोने तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। जयपुर के साथ-साथ आज अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, सीकर, भीलवाड़ा और अलवर में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां हजारों लोग सामूहिक रूप से “वंदे मातरम्” गाएंगे।

 वंदे मातरम्” का गौरवशाली इतिहास

  • 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर बंकिमचंद्र चटर्जी ने “वंदे मातरम्” की रचना की थी।
  • यह गीत पहली बार उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ के अंश के रूप में साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में प्रकाशित हुआ था।
  • रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया।
  • 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया।

 प्रधानमंत्री मोदी करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज “वंदे मातरम् @150” अभियान का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह अभियान एक सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति आंदोलन के रूप में देश के हर राज्य और जिले तक पहुंचेगा। इसका उद्देश्य भारत की एकता, संस्कृति और गौरव की भावना को पुनर्जीवित करना है।

 वंदे मातरम् — राष्ट्र की आत्मा का स्वर

“वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह राष्ट्र की पहचान और स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा है। आज से 150 वर्ष पहले लिखा गया यह गीत आज भी हर भारतीय के हृदय में वही उत्साह और गर्व जगाता है।