अजमेर में ‘फर्जी डॉक्टर’ गिरोह का भंडाफोड़: बुजुर्ग से इलाज के नाम पर लाखों की ठगी
Ajmer में नकली डॉक्टर बनकर बुजुर्ग से 4.39 लाख की ठगी। Bhopal से 3 आरोपी गिरफ्तार, 250 CCTV फुटेज से खुला राज।
राजस्थान के अजमेर में एक संगठित ठग गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने बुजुर्ग व्यक्ति को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले मददगार बनकर संपर्क किया और विश्वास हासिल करने के बाद पीड़ित को एक तथाकथित डॉक्टर के पास भेजा, जो गिरोह का ही सदस्य निकला।
नकली इलाज का ड्रामा, 73 बार वसूली
मुख्य आरोपी ने खुद को डॉक्टर बताकर घुटनों के इलाज का झांसा दिया। उसने एक उपकरण के जरिए ‘इलाज’ का दिखावा करते हुए कई बार प्रक्रिया दोहराई और हर बार पैसे वसूले। इस तरह धीरे-धीरे कुल 4.39 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित 62 वर्षीय बुजुर्ग ने मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
250 से ज्यादा CCTV खंगालकर मिला सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बड़े स्तर पर तकनीकी मदद ली। करीब 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच में एक संदिग्ध लाल रंग की कार सामने आई, जिसने केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
भोपाल से गिरफ्तार हुए आरोपी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय वे एक और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
भारी मात्रा में सामान बरामद
आरोपियों के पास से नकदी, इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण, दवाइयां, स्प्रे के साथ कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग जगहों पर वारदात करता रहा है।
बुजुर्गों को बनाते थे निशाना
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऐसे लोगों को टारगेट करता था जो आसानी से भरोसा कर लेते हैं। पहले एक सदस्य संपर्क कर भरोसा बनाता और फिर पीड़ित को फर्जी डॉक्टर के पास भेज दिया जाता था।
अन्य मामलों में भी खुलासे की आशंका
पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।
Saloni Kushwaha 
