E20 Petrol Row: NEET विवाद के बाद E20 पेट्रोल नीति पर सियासी घमासान, केजरीवाल का अभियान, ट्रांसपोर्टरों का संसद मार्च
E20 पेट्रोल नीति के विरोध में AAP ने 1 अगस्त को नेशनल टाउन हॉल और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान किया। कांग्रेस ने दो केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठाई।
NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के शांत होने के बाद अब देश में E20 (इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल नीति को लेकर नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP), दिल्ली के ट्रांसपोर्ट यूनियन और कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक ओर अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय जन-अभियान का ऐलान किया है, वहीं कांग्रेस ने दो केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है। इस बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को E20 नीति से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे कथित मानहानिकारक और डीपफेक पोस्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुमति दे दी है।
1 अगस्त को AAP का 'नेशनल टाउन हॉल'
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत 1 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20' आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों, वाहन मालिकों और नीति से प्रभावित लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। केजरीवाल का दावा है कि E20 नीति वापस लेने की मांग वाली ऑनलाइन याचिका पर अब तक 2 लाख से अधिक लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि टाउन हॉल के बाद इन हस्ताक्षरों और ज्ञापन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा जाएगा।
4 अगस्त को ट्रांसपोर्टरों का संसद मार्च
दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देशभर से E20 पेट्रोल के कारण वाहनों के इंजन और माइलेज प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही हैं।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी राजनीतिक दल या E20 जनता पार्टी से जुड़ा नहीं है। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन केवल वाहन मालिकों और परिवहन क्षेत्र की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस ने दो मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है।
अजय राय ने आरोप लगाया कि सरकार देश के करोड़ों वाहन मालिकों की चिंताओं को नजरअंदाज कर E85 और E100 ईंधन नीति की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण से वाहनों के इंजन को हो रहे कथित नुकसान और बढ़ते खर्च के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
हाई कोर्ट से कानूनी कार्रवाई की अनुमति
इस बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को E20 नीति से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित मानहानिकारक और डीपफेक सामग्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति दे दी है। इससे E20 नीति को लेकर चल रही बहस और तेज होने की संभावना है

