जल जीवन मिशन घोटाला: पूर्व IAS से 10 घंटे पूछताछ, 125 सवालों पर साधी चुप्पी

Rajasthan के JJM घोटाले में Subodh Agarwal से Anti Corruption Bureau की 10 घंटे पूछताछ, 125 सवालों पर नहीं मिले संतोषजनक जवाब। जांच में बड़े खुलासों के संकेत।

जल जीवन मिशन घोटाला: पूर्व IAS से 10 घंटे पूछताछ, 125 सवालों पर साधी चुप्पी

राजस्थान के चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने करीब 10 घंटे तक लगातार पूछताछ की। इस दौरान उनसे फर्जी प्रमाणपत्रों, टेंडर प्रक्रिया और अन्य आरोपों को लेकर गहन सवाल किए गए, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्होंने कई अहम सवालों के जवाब देने से बचने की कोशिश की।

125 सवालों पर नहीं दिया संतोषजनक जवाब

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान करीब 125 प्रश्न पूछे गए, जिनमें से कई पर अग्रवाल ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने खुद को इस पूरे मामले से अलग बताते हुए किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया। पूछताछ के दौरान उनका भावुक होना भी सामने आया।

पूर्व मंत्री के नाम पर चुप्पी

जांच एजेंसी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी से संबंधों को लेकर भी कई बार सवाल किया, लेकिन हर बार अग्रवाल ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी। यह चुप्पी जांच एजेंसियों के लिए और भी सवाल खड़े कर रही है।

फर्जी सर्टिफिकेट और टेंडर में गड़बड़ी के आरोप

ACB ने कुछ फर्मों द्वारा कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर काम हासिल करने के मामले में भी पूछताछ की। इस पर अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जांच करवाई थी। वहीं टेंडर शर्तों में बदलाव कर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट पास कराने के आरोपों को उन्होंने नकार दिया।

कई इंजीनियरों की भूमिका भी आई सामने

जांच के दौरान विभाग के कई इंजीनियरों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। ACB का मानना है कि यह घोटाला काफी बड़े स्तर पर फैला हो सकता है और इसकी रकम हजारों करोड़ तक पहुंचने की आशंका है।

अब तक कई गिरफ्तारियां, जांच जारी

इस मामले में ACB पहले ही कई अधिकारियों और संबंधित लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि कुछ आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। अग्रवाल फिलहाल रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।