बीकानेर में कुत्तों का आतंक: स्कूल जा रहे छात्र पर हमला, गंभीर हालत में सर्जरी

बीकानेर में आवारा कुत्तों के हमले में स्कूल जा रहा छात्र गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में सर्जरी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की।

बीकानेर में कुत्तों का आतंक: स्कूल जा रहे छात्र पर हमला, गंभीर हालत में सर्जरी

बीकानेर में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है, जहां स्कूल जा रहे एक मासूम छात्र पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। इस दर्दनाक घटना में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों को उसकी हालत को देखते हुए सर्जरी करनी पड़ी।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही कई बार इलाके में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, बच्चा रोज की तरह स्कूल जा रहा था, तभी रास्ते में अचानक कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को बुरी तरह नोच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाकर बच्चे को बचाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के शरीर पर कई गहरे घाव हैं और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ था, जिसके चलते तुरंत सर्जरी करनी पड़ी।

अस्पताल में चला इलाज, हालत स्थिर

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, बच्चे की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसे अभी निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

परिवार के लोगों ने बताया कि घटना के बाद बच्चा बेहद सहमा हुआ है और मानसिक रूप से भी प्रभावित हुआ है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है, लेकिन नगर निगम और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।

निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

बढ़ती घटनाएं बनी चिंता का कारण

बीकानेर सहित राजस्थान के कई शहरों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह समस्या गंभीर होती जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए ठोस नीति, नसबंदी कार्यक्रम और उचित निगरानी जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि

  • आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए
  • स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई जाए
  • नगर निगम नियमित मॉनिटरिंग करे
  • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो