JJM घोटाले में बड़ा मोड़: “सरेंडर नहीं, खुद आया हूं” – सुबोध अग्रवाल
Subodh Agarwal ने JJM घोटाले में गिरफ्तारी पर उठाए सवाल—खुद को बताया “स्वेच्छा से सहयोग करने वाला”। Anti Corruption Bureau की कार्रवाई पर कानूनी बहस तेज, कोर्ट के फैसले पर नजर।
“न सरेंडर किया… न मुझे लाया गया…मैं खुद अपनी इच्छा से सहयोग करने आया हूं… ये कहना है JJM घोटाले में घिरे पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल का…जिनकी ACB कोर्ट में पेशी के दौरान दिया गया ये बयान…
अब पूरे मामले को नया और दिलचस्प मोड़ दे गया है और साथ ही कई बड़े सवाल भी खड़े कर रहा है। दरअसल, एक तरफ ACB का साफ दावा है कि सुबोध अग्रवाल को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया। वहीं दूसरी तरफ खुद सुबोध अग्रवाल इसे ‘स्वेच्छा से सहयोग’ बता रहे हैं। यानी गिरफ्तारी बनाम सरेंडर को लेकर
अब एक बड़ा कन्फ्यूजन और कानूनी बहस खड़ी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि…
क्या यह वास्तव में गिरफ्तारी थी। या फिर कानूनी रणनीति के तहत दबाव बढ़ने के बाद खुद सामने आने की कोशिश ? वहीं, बचाव पक्ष ने भी इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। वकीलों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारण तक नहीं बताए गए और रिमांड से पहले जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।नजो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ बताया जा रहा है। इतना ही नहीं यह मामला अब सिर्फ घोटाले की जांच तक सीमित नहीं रह गया है।
बल्कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया, पारदर्शिता और एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। दूसरी तरफ ACB का कहना है कि मामले में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा और करोड़ों के लेनदेन की जांच अभी बाकी है और इसके लिए आरोपी से गहन पूछताछ जरूरी है। अब निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। कि क्या ACB को रिमांड मिलती है। और क्या इस हाई-प्रोफाइल JJM घोटाले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होंगे ?
Saloni Kushwaha 
