5 निगमों में बोर्ड का पेंच, निर्दलीयों को साधने में जुटी BJP-कांग्रेस

राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज है। जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, अलवर और पाली समेत कई निकायों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है, जबकि 305 शहरी निकायों में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।

5 निगमों में बोर्ड का पेंच, निर्दलीयों को साधने में जुटी BJP-कांग्रेस

राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब असली सियासी परीक्षा शुरू हो गई है। कई नगर निगमों और नगर परिषदों में बहुमत का आंकड़ा किसी एक दल के पास नहीं है। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस दोनों निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुट गई हैं। खास तौर पर जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, अलवर और पाली नगर निगमों में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है।

5 नगर निगमों में बहुमत का पेंच

जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, अलवर और पाली में किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में अब निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। दोनों प्रमुख दल बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए अपने-अपने समीकरण साधने में लगे हैं।

इन निगमों में कुछ पार्षदों का समर्थन पूरे बोर्ड की दिशा तय कर सकता है। यही वजह है कि चुनाव खत्म होने के बाद भी राजनीतिक गतिविधियां कम होने के बजाय और तेज हो गई हैं।

305 निकायों में आज से अध्यक्ष पद का नामांकन

नगर निगमों के अलावा नगर परिषद और नगर पालिकाओं में भी अब अगला चरण शुरू हो रहा है। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगर पालिका को छोड़कर 305 शहरी निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।

अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों के नाम सामने आने के साथ ही स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं।

4 निकायों में चुनाव प्रक्रिया फिलहाल टली

जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव फिलहाल स्थगित किए गए हैं। मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी के चलते इन चारों निकायों के 10 बूथों के परिणाम अटक गए थे।

इन बूथों पर 16 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 17 सितंबर को वोटों की गिनती होगी। ऐसे में इन चार निकायों में बोर्ड गठन और निकाय प्रमुख के चुनाव का कार्यक्रम भी आगे खिसकेगा।

जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा में बीजेपी का पलड़ा भारी

उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा नगर निगम में बीजेपी बोर्ड बनाने की स्थिति में है। वहीं बीकानेर में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।

पाली और अजमेर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है, जबकि अलवर में बीजेपी आगे है। जोधपुर में दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। भरतपुर में निर्दलीय पार्षदों की संख्या ने समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है।

47 नगर परिषदों में भी निर्दलीयों का दबदबा

नगर परिषदों के स्तर पर भी तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। प्रदेश की 47 नगर परिषदों में से 28 में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में यहां निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

12 नगर परिषदों में बीजेपी, 6 में कांग्रेस और एक नगर परिषद में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिला है। बाकी परिषदों में बोर्ड बनाने के लिए दलों को समर्थन जुटाने की जरूरत होगी।

झालावाड़ में बदला सियासी गणित

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले झालावाड़ में कांग्रेस ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 45 वार्डों में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी को 13, निर्दलीयों को 2 और आम आदमी पार्टी को 1 सीट मिली।

वहीं बारां नगर निकाय में आम आदमी पार्टी ने 60 में से 31 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया है। ये नतीजे भी राजस्थान की स्थानीय राजनीति में बदलते समीकरणों की ओर इशारा कर रहे हैं।

अब नजर निर्दलीयों पर

नगर निकाय चुनाव में जनता का फैसला आने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर उन पार्षदों पर है, जिनके पास बोर्ड गठन की चाबी है। आने वाले दिनों में समर्थन, रणनीति और अध्यक्ष पद के दावों के बीच क

ई निकायों में सियासी तस्वीर बदल सकती है।