केदारनाथ पैदल यात्रा तीसरे दिन भी बंद, चीरबासा में पहाड़ से गिर रहे पत्थर; 7 हजार यात्रियों को निकाला

केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा लगातार तीसरे दिन भी बंद है। चीरबासा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे के चलते अब तक करीब 7 हजार यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जबकि 500 से ज्यादा यात्री रास्ते में फंसे हैं। हेलीसेवा शुरू कर दी गई है।

केदारनाथ पैदल यात्रा तीसरे दिन भी बंद, चीरबासा में पहाड़ से गिर रहे पत्थर; 7 हजार यात्रियों को निकाला

उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा पर लगातार तीसरे दिन भी रोक लगी हुई है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षा की दृष्टि से बंद रखा गया है। प्रशासन और सुरक्षा बल यात्रियों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं।

अब तक करीब 7 हजार यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड की ओर भेजा जा चुका है। हालांकि, 500 से ज्यादा यात्रियों के अभी भी रास्ते में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रहे भूस्खलन और पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए पैदल मार्ग खोलने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है।

### हेलीसेवा शुरू, पैदल यात्रा पर रोक

केदारनाथ धाम के लिए आज से हेलीसेवा शुरू कर दी गई है। इससे उन श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो हेलीकॉप्टर के जरिए धाम पहुंचना चाहते हैं। हालांकि, पैदल यात्रा अभी भी बंद है और यात्रियों को चीरबासा के संवेदनशील हिस्से से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।

### सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी में

पैदल मार्ग पर सुरक्षा बलों की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही संवेदनशील हिस्सों में आवाजाही रोकने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का फोकस फिलहाल यात्रा बहाल करने से पहले मार्ग को सुरक्षित बनाने पर है।

केदारनाथ यात्रा के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं से भी प्रशासन की ओर से अपील की जा रही है कि वे हालात सामान्य होने तक पैदल मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश न करें। मार्ग की स्थिति का आकलन करने के बाद ही पैदल यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।