निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी को जान से मारने की धमकी, 2.43 करोड़ रुपये के विवाद में FIR दर्ज

सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी ने दो लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। 1.20 करोड़ रुपये के लेनदेन और जमीन विवाद को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी को जान से मारने की धमकी, 2.43 करोड़ रुपये के विवाद में FIR दर्ज

राजस्थान के सांचौर से निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी ने दो लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। विधायक की शिकायत पर सांचौर थाने में सुरेश चौधरी और दजाराम चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे पक्ष ने विधायक पर उनकी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।

2018 में दिए थे 1.20 करोड़ रुपये

विधायक जीवाराम चौधरी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2018 में पादरड़ी तेतरोल निवासी सुरेश चौधरी और दजाराम चौधरी ने 'माइक्रो स्टील' के कारोबार के लिए उनसे 1 करोड़ 20 लाख रुपये उधार लिए थे। यह राशि एक वर्ष के लिए प्रतिमाह 1 प्रतिशत ब्याज की दर से दी गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि तय समय पूरा होने के बाद भी न तो मूलधन लौटाया गया और न ही ब्याज का भुगतान किया गया।

जमीन देने का प्रस्ताव, फिर भी नहीं हुआ समझौता

विधायक के अनुसार, बकाया राशि के बदले आरोपियों ने राजस्व गांव होथीगांव स्थित करीब 60 बीघा खातेदारी कृषि भूमि उनके नाम करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

इसके बाद समाज के चार लोगों की मौजूदगी में एक लिखित इकरारनामा भी तैयार किया गया, लेकिन न जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही रुपये लौटाए गए।

विधायक का दावा- अब बकाया राशि 2.43 करोड़ रुपये

शिकायत के अनुसार, 1 जनवरी 2018 से 23 जुलाई 2026 तक मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल 2 करोड़ 43 लाख 27 हजार 600 रुपये बकाया हो चुके हैं।

विधायक का आरोप है कि जब उन्होंने बार-बार रजिस्ट्री कराने की बात कही तो आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दजाराम चौधरी ने जमीन किसी बदमाश को बेचने की बात कही।

दूसरे पक्ष ने लगाए कब्जे के आरोप

दूसरी ओर, दजाराम चौधरी ने विधायक के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 25 वर्षों तक विधायक के साथ काम किया, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अपना अलग कारोबार कर रहे हैं।

दजाराम का आरोप है कि विधायक ने उनकी जमीन पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों से उनकी विधायक से कोई बातचीत नहीं हुई और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।

फिलहाल पुलिस ने विधायक की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी