टोंक में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद, महिला जज ने फैसले में लिखी संवेदनात्मक कविता

Tonk में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म मामले में कोर्ट का सख्त फैसला—आरोपी को उम्रकैद और 1.25 लाख जुर्माना। न्यायाधीश Aarti Maheshwari ने कविता के जरिए दिया संवेदनशील संदेश।

टोंक में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद, महिला जज ने फैसले में लिखी संवेदनात्मक कविता
गिरफ्तार आरोपी

राजस्थान के टोंक जिले में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) आरती माहेश्वरी ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

फैसले में दिखी संवेदनशीलता, कविता के जरिए दिया संदेश

इस मामले में कोर्ट का निर्णय सिर्फ सजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जज ने अपने आदेश में एक भावनात्मक कविता भी शामिल की। इस कविता के माध्यम से पीड़िता के दर्द को शब्दों में व्यक्त करते हुए समाज को संवेदनशील बनने का संदेश दिया गया।

घर में घुसकर वारदात, ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा

घटना 19 मई 2024 की है, जब पीड़िता घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने किसी तरह शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।

दस्तावेजों से हुई पहचान, पेश किया गया चालान

मौके पर पकड़े गए आरोपी के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान भवानीपुरा निवासी 52 वर्षीय रामलाल के रूप में हुई। वह कमीशन पर ईंट सप्लाई कराने का काम करता था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर 24 जुलाई 2024 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।

मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाह, 33 दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सबूत पेश किए। इन सभी तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई।

पीड़िता को मुआवजा देने की सिफारिश

कोर्ट ने अपने फैसले में पीड़िता के परिवार को राहत देने के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी अनुशंसा की है। यह फैसला न केवल न्याय की मिसाल है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश भी देता है।