पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 : SIR फैक्टर से TMC-BJP में कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में SIR फैक्टर बना गेमचेंजर। TMC और BJP के बीच कड़ा मुकाबला, सीटों के समीकरण पर सबकी नजर।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 : SIR फैक्टर से TMC-BJP में कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग है। सरकार बनाने के लिए 148 सीटें चाहिए। मुकाबला TMC और BJP के बीच है। अबकी जीत-हार का पूरा समीकरण SIR के इर्द-गिर्द है। BJP और SIR का डर चला तो TMC आगे नजर आ रही है।

चुनावी कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर की टीम मुर्शिदाबाद, कोलकाता, मालदा, दार्जिलिंग, नादिया, झारग्राम, संदेशखाली समेत नॉर्थ और साउथ बंगाल के कई जिलों में पहुंची। आम लोगों से लेकर सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की।

इस दौरान 3 बातें समझ आईं…

1. BJP के लिए: SIR में कुल 91 लाख नाम कटे हैं। इसमें 47 लाख मृत लोगों के हैं। अगर इन्हें आधार बनाकर सीटों का गणित समझें तो इस बार BJP को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। उसे 150 से 170 सीटें मिल सकती हैं। वहीं TMC 110-140 सीटों पर सिमट सकती है। इसी गणित के आधार पर BJP के नेता बंगाल में सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं।

2. TMC के लिए: पश्चिम बंगाल के वोटर्स में SIR का डर TMC के पक्ष में जा सकता है। असल में ग्राउंड पर ऐसी अफवाह फैली है कि वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद नागरिकता भी जा सकती है। जिनके नाम वोटर लिस्ट में बच गए, उन्होंने इसी डर से हर कीमत पर 100% वोट डालने की कोशिश की। इस बंपर वोटिंग का फायदा TMC को मिल सकता है। पार्टी 160 से 190 सीटें जीत सकती है।

3. कांग्रेस के लिए: एक फैक्टर ऐसा भी है, जिससे कांग्रेस फायदे में नजर आ रही है। TMC सरकार से लोग नाराज हैं। भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के साथ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर मजबूत है। ये नाराजगी मुस्लिम बहुल इलाकों में भी है, लेकिन ये वोटर BJP के साथ नहीं जाएगा। ऐसे में मुर्शिदाबाद और मालदा की सीटों पर इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। कांग्रेस 1-3 सीटों पर मजबूत हो रही है।

साउथ बंगाल में इंडियन सेक्युलर फ्रंट यानी ISF 1 या दो सीटों पर मजबूत हो सकता है। वहीं, CPI(M) 2 से 3 सीटों पर दूसरी पोजिशन पर हो सकती है या फिर ज्यादा से ज्यादा 1 सीट जीत सकती है। वहीं, TMC से बाहर हुए हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) का कोई असर नहीं दिख रहा है।

BJP की जीत के लिए बड़े फैक्टर…

SIR में 47 लाख वोटर्स डिलीट होने का फायदा BJP को पॉलिटिकल एनालिस्ट देबांजन बनर्जी ने BJP की जीत का गणित समझाया। उनके मुताबिक, पिछले दो चुनावों में TMC को करीब 2.86 करोड़ और BJP को 2.26 करोड़ वोट मिले थे। यानी TMC लगभग 60 लाख वोट से आगे थी। अब SIR में करीब 47 लाख मृत लोगों के नाम लिस्ट से हट गए हैं। माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर TMC के समर्थक थे। अगर ऐसा है, तो TMC का वोट बैंक घटेगा और BJP को सीधा फायदा होगा।’

असली खेल उन सीटों पर है, जहां बहुत कम अंतर से जीत-हार होती है। 2021 विधानसभा चुनाव के लिहाज से देखें, तो करीब 30 सीटों पर 1000 से कम वोटों से जीत-हार तय हुई थी, जबकि करीब 50 सीटों पर दो से पांच हजार वोटों का अंतर था। 100 सीटों पर वोट का अंतर करीब 5 हजार से 10 हजार के बीच था। 47 लाख वोट कम होने पर ऐसी सीटों के नतीजे पलट सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो BJP 150 से 170 सीट जीत सकती है।