राजस्थान को किसकी लगी नज़र? सड़क हादसों में देश में दूसरे नंबर पर, अब तक 28 हजार से ज्यादा मौतें
राजस्थान में सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
जयपुर। राजस्थान में सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। पिछले कुछ वर्षों में सड़क हादसों से 28,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जो प्रशासनिक लापरवाही और सड़क इंजीनियरिंग की बड़ी खामियों की ओर इशारा करती है।
जीनियरिंग फॉल्ट बना सबसे बड़ा कारण
रोड सेफ्टी एक्सपर्ट प्रेरणा अरोड़ा सिंह, जो पीपल्स ट्रस्ट की सीईओ हैं, का कहना है कि— “सड़क हादसों में सिर्फ ड्राइवर को दोष देना गलत है। सबसे बड़ी वजह सड़क डिज़ाइन की खामियां यानी इंजीनियरिंग फॉल्ट्स हैं। कई जगहों पर मोड़ गलत तरीके से बने हैं, संकेतक नहीं हैं और लाइटिंग सिस्टम फेल है।” विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी रेस्पॉन्स सिस्टम की कमी, रास्तों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैज्ञानिक सड़क निर्माण भी हादसों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
आधे हादसे नेशनल हाईवेज़ पर
राज्य में कुल सड़क हादसों में से करीब 50% हादसे नेशनल हाईवे पर होते हैं, जबकि ये सड़कें राज्य के कुल सड़क नेटवर्क का केवल 3–4% हिस्सा हैं। सबसे अधिक हादसे अजमेर, जयपुर, बीकानेर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर और भरतपुर जैसे बड़े संभागीय मुख्यालयों में दर्ज किए गए हैं।
राजस्थान में हादसों का डरावना आंकड़ा
NCRB के अनुसार,
- 2018 में 22,401 सड़क हादसे हुए,
- जो 2019 में बढ़कर 24,281 तक पहुंच गए।
हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर हादसों में मामूली कमी आई है, लेकिन राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में ये हादसे उलटे बढ़े हैं।
2023 (जनवरी–अक्टूबर) तक का क्षेत्रवार डेटा
|
संभाग/रेंज |
हादसे |
मौतें |
घायल |
|
अजमेर संभाग |
2595 |
1366 |
2487 |
|
जयपुर कमिश्नरेट |
2460 |
691 |
1989 |
|
जयपुर रेंज |
2934 |
1322 |
2605 |
|
सीकर रेंज |
1662 |
889 |
1617 |
|
बीकानेर रेंज |
1151 |
704 |
1054 |
|
भरतपुर रेंज |
1662 |
907 |
1493 |
|
जोधपुर कमिश्नरेट |
604 |
226 |
516 |
|
जोधपुर रेंज |
1070 |
720 |
1143 |
|
पाली रेंज |
1113 |
621 |
1239 |
|
कोटा रेंज |
1922 |
635 |
1962 |
|
उदयपुर रेंज |
2788 |
1233 |
2566 |
|
बांसवाड़ा रेंज |
1028 |
481 |
1139 |
कुल हादसे: 20,989
कुल मौतें: 9,795
कुल घायल: लगभग 20,820
दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक शिकार
राज्य में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें दोपहिया वाहन चालकों की हो रही हैं। हेलमेट न पहनना, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और सड़क की खराब स्थिति इसके प्रमुख कारण हैं।
प्रशासनिक लापरवाही भी जिम्मेदार
रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सड़क हादसों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार और प्रशासन की पहल कागज़ों तक सीमित है। स्पीड कंट्रोल, सड़क मरम्मत, और साइन बोर्ड लगाने जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं कई इलाकों में नदारद हैं।

