कोटपुतली-बहरोड़ में सिंथेटिक दूध फैक्ट्री का भंडाफोड़
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में बानसुर क्षेत्र से नकली दूध बनाने का भंडाफोड़, बड़ी मात्रा में तैयार दूध और कच्चा माल जब्त।
कोटपुतली-बहरोड़ जिले में मिलावटी और नकली दूध बनाने के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बानसुर क्षेत्र के बाबरिया (हरसोरा) गांव में संचालित एक संदिग्ध दूध कलेक्शन सेंटर पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में तैयार नकली दूध और कच्चा माल जब्त किया। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद मिलावटी सामग्री को नष्ट भी कराया गया।
घर के कमरे से चल रहा था कलेक्शन सेंटर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा के अनुसार विभाग को सूचना मिली थी कि कोड नंबर 724 के तहत एक प्रतिष्ठित डेयरी ब्रांड के नाम का इस्तेमाल कर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा है। सोमवार देर रात टीम ने छापा मारा तो पाया कि सेंटर किसी व्यावसायिक परिसर में नहीं, बल्कि एक घर के कमरे से संचालित हो रहा था।
जांच में चार बड़ी मिक्सर मशीनें, न्यूट्रिलाइट ब्रांड रिफाइंड तेल के भरे और खाली डिब्बे, गैस चूल्हे, इमल्सीफायर, 25 किलो लैक्टोज पाउडर का बैग और लगभग 200 लीटर तैयार संदिग्ध दूध बरामद हुआ। साथ ही दो बीएमसी टैंकों में करीब 500 लीटर एकत्रित दूध भी मिला।
क्रीम सेपरेशन मशीन और अन्य उपकरण मिले
मौके पर क्रीम निकालने की मशीन भी पाई गई, जिससे दूध की प्रोसेसिंग की जा रही थी। सेंटर का संचालन जगराम यादव नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जिसने बताया कि वह वर्ष 2008 से दूध संग्रहण का काम कर रहा है। विभाग ने संबंधित डेयरी सुपरवाइजर से संपर्क कर सेंटर का कोड तत्काल प्रभाव से निरस्त करवा दिया।
तैयार दूध के दो नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लिए गए हैं और प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जब्त किए गए मिलावटी दूध, रिफाइंड तेल, लैक्टोज पाउडर और इमल्सीफायर को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
यह पूरी कार्रवाई जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी, एडीएम डॉ. ओमप्रकाश सहारण और सीएमएचओ डॉ. आशिष सिंह शेखावत के निर्देशन में की गई। टीम में ट्रेनी एफएसओ प्रियान्शी यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
Saloni Kushwaha 
