जयपुर में फेक करेंसी का बड़ा खुलासा, कैनरा बैंक से RBI चेस्ट तक पहुंचे सैकड़ों जाली नोट, पुलिस ने शुरू की गहन जांच

राजस्थान की राजधानी जयपुर में जाली नोटों का एक बड़ा रैकेट उजागर होने से हड़कंप मच गया है। कैनरा बैंक की गांधीनगर मुख्य शाखा से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की करेंसी चेस्ट में जमा करने के लिए भेजे गए कैश में सैकड़ों हाई-क्वालिटी फर्जी नोट पकड़े गए हैं।

जयपुर में फेक करेंसी का बड़ा खुलासा, कैनरा बैंक से RBI चेस्ट तक पहुंचे सैकड़ों जाली नोट, पुलिस ने शुरू की गहन जांच

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में जाली नोटों का एक बड़ा रैकेट उजागर होने से हड़कंप मच गया है। कैनरा बैंक की गांधीनगर मुख्य शाखा से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की करेंसी चेस्ट में जमा करने के लिए भेजे गए कैश में सैकड़ों हाई-क्वालिटी फर्जी नोट पकड़े गए हैं। इनमें 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल हैं, जिनकी छपाई इतनी बारीक है कि सामान्य जांच में इन्हें पहचानना मुश्किल था। ब्रांच मैनेजर ने गांधीनगर थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस, साइबर सेल और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें मिलकर जाली नोटों के नेटवर्क और संभावित अंतरराष्ट्रीय गैंग की तलाश में जुटी हुई हैं।

कैनरा बैंक से RBI तक का सफर, फिर खुलासा

शुक्रवार देर शाम कैनरा बैंक की गांधीनगर शाखा से RBI की जयपुर करेंसी चेस्ट में करीब 50 लाख रुपये का कैश जमा किया गया था। चेस्ट में नोटों की गिनती और सॉर्टिंग के दौरान स्टाफ को शक हुआ। विस्तृत जांच में 100 रुपये के 150, 200 रुपये के 120 और 500 रुपये के 80 नोट जाली पाए गए। कुल मूल्य लगभग 45,000 रुपये का है, लेकिन इनकी संख्या और क्वालिटी से साफ है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है।

बैंक मैनेजर ने बताया कि ये नोट ग्राहकों द्वारा जमा किए गए थे, जिनमें से ज्यादातर छोटे-मोटे लेन-देन से आए थे। RBI ने तुरंत गांधीनगर थाने को सूचना दी, जहां IPC की धारा 489A (जाली मुद्रा का उपयोग) और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि नोटों पर इस्तेमाल की गई तकनीक उन्नत है – वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और प्रिंटिंग सभी असली जैसे लग रहे थे।

पुलिस की जांच में नए मोड़

गांधीनगर CI भजन लाल ने बताया कि 2024 में RBI ने जयपुर में 11 FIR दर्ज कराई थीं, और 2025 में अब तक 11 और मामले सामने आ चुके हैं। यह घटना सबसे बड़ी है। FSL टीम ने नोटों को लैब भेज दिया है, जहां प्रिंटिंग मशीन, इंक और पेपर की जांच की जा रही है। साइबर सेल बैंक के CCTV फुटेज और ग्राहकों के खातों की स्क्रूटनी कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से जुड़ा हो सकता है, जहां हाल ही में इसी तरह के रैकेट पकड़े गए हैं। पुलिस ने संदिग्ध ग्राहकों की लिस्ट तैयार की है और नाकाबंदी बढ़ा दी है। RBI ने सभी बैंकों को अलर्ट जारी किया है कि जाली नोटों की जांच में UV लाइट और वॉटरमार्क चेक अनिवार्य करें।

यह घटना एक बार फिर सवाल उठा रही है कि जाली नोट कैसे बैंकिंग सिस्टम में घुसपैठ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में भी कैश इकोनॉमी में फर्जी नोटों का कारोबार फल-फूल रहा है।