जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल स्टाइल में होगा विकास, मेट्रो कनेक्टिविटी की भी तैयारी
जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी। परिसर विस्तार, आधुनिक सुविधाएं और मेट्रो कनेक्टिविटी से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
जयपुर के विश्व प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर को अब उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार की ओर से बजट में इस परियोजना की घोषणा के बाद मंदिर परिसर को भव्य और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम शुरू होने जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, बल्कि जयपुर को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।
मंदिर विकास योजना के तहत परिसर का विस्तार, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रवेश और निकास व्यवस्था, पार्किंग, कतार प्रबंधन और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महाकाल लोक की तरह यहां भी धार्मिक थीम आधारित संरचनाएं, भित्ति चित्र और आध्यात्मिक वातावरण तैयार करने की योजना है, जिससे भक्तों को एक दिव्य अनुभव मिल सके। इसके अलावा परिसर में सुविधाजनक मार्ग, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
सरकार की योजना में मंदिर को शहर की मेट्रो प्रणाली से जोड़ने का प्रस्ताव भी शामिल है। इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा और आसान आवागमन मिल सकेगा। जयपुर मेट्रो के विस्तार के साथ मंदिर तक पहुंच को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस परियोजना को जयपुर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में आधुनिक सुविधाओं और भव्य विकास से उनकी यात्रा और अधिक सुगम और यादगार बन सकेगी। सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाओं से राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और राज्य की छवि देश-विदेश में और मजबूत होगी।
Saloni Kushwaha 
