जैसलमेर में लीलण एक्सप्रेस की चपेट में 6 ऊंटों की मौत, रेल 30 मिनट तक रुकी

जैसलमेर के लाठी गांव के पास लीलण एक्सप्रेस ऊंटों के झुंड से टकराई। 6 ऊंट मरे, 2 इंजन में फंसे। रेल 20-30 मिनट तक बीच ट्रैक पर रुकी।

जैसलमेर में लीलण एक्सप्रेस की चपेट में 6 ऊंटों की मौत, रेल 30 मिनट तक रुकी
ट्रेन की चपेट में आने से ऊंटों की मौत

जैसलमेर के लाठी गांव के पास रविवार मध्यरात्रि करीब 1 बजे एक दर्दनाक रेलवे हादसा हुआ। जैसलमेर से पोकरण की ओर जा रही लीलण एक्सप्रेस की चपेट में राज्य पशु ऊंटों का झुंड आ गया। इस हादसे में 6 ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 ऊंट रेल इंजन में फंस गए। इन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके कारण रेल करीब 20-30 मिनट तक बीच ट्रैक पर रुकी रही।

झुंड पटरी पार कर रहा था

स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों और ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय ऊंटों का झुंड लाठी रेलवे स्टेशन के पास पटरी पार कर रहा था। ट्रेन की आवाज सुनते ही ऊंटों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान 5 ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई और 2 ऊंट इंजन में फंस गए।

रेल 20-30 मिनट तक बीच ट्रैक पर रुकी

ऊंटों को इंजन से बाहर निकालने के लिए रेलवे कर्मचारियों और ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मशक्कत की। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर 20-30 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। रेलवे के जमादार रेंवतराम चौधरी, वन्यजीव प्रेमी मुकेश भील और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मृत ऊंटों को ट्रैक से दूर ले गए।

पशु सुरक्षा पर चिंता बढ़ी

लाठी और आसपास का क्षेत्र पशु बाहुल्य है। यहाँ के ग्रामीण कृषि के साथ पशुपालन भी करते हैं और क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऊंट पाए जाते हैं। पोकरण-जैसलमेर मार्ग पर स्थित रेलवे ट्रैक के पास सुनसान जंगल होने के कारण मवेशी अक्सर यहाँ चरते हैं। ऐसे में आए दिन रेलवे हादसों की घटनाएं हो रही हैं।

जिम्मेदारों से अपेक्षित कार्रवाई

स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि रेलवे और प्रशासन को मवेशियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। अभी तक इस दिशा में कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया है, जिससे भविष्य में भी ऐसे हादसों का खतरा बना हुआ है।