डीग में 84 कोस परिक्रमा से पहले प्रशासन सख्त, कलेक्टर खुद उतरे मैदान में
Deeg में गिरिराज जी की 84 कोस परिक्रमा से पहले कलेक्टर मयंक मनीष ने 18 गांवों का पैदल निरीक्षण किया। अतिक्रमण हटाने, सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर दिए सख्त निर्देश।
डीग जिले में अधिक मास के दौरान होने वाली गिरिराज जी की 84 कोस परिक्रमा को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। कलेक्टर मयंक मनीष गुरुवार को खुद पैदल परिक्रमा मार्ग पर उतरे और कोथरा गेट से नौनेरा तक करीब 18 गांवों के रास्ते का बारीकी से निरीक्षण किया।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ कहा कि परिक्रमा में श्रद्धालु नंगे पांव चलते हैं, ऐसे में रास्ते पर धूल, गंदगी या कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी श्रद्धालु को परेशानी हुई तो जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चप्पे-चप्पे की जांच
कलेक्टर का काफिला कोथरा गेट से सांवई, नगला दांदू, बहज, डीग कस्बा, दिदावली, टाकौली, खोह, चुल्हेरा, अलीपुर, पसोपा, बरौली, धाऊ, बिलोंद, सतवास और पथवारी होते हुए नौनेरा तक पहुंचा। इस दौरान झुके हुए बिजली के पोल, कच्चे रास्तों पर अतिक्रमण और नालियों की गंदगी को मौके पर ही जांचा गया। जहां भी लापरवाही मिली, अधिकारियों को तुरंत फटकार लगाई गई।
अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश
पीडब्ल्यूडी और तहसील प्रशासन को निर्देश दिए गए कि पूरे परिक्रमा मार्ग से अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं। भरतपुर फीडर कैनाल के पास पड़ी गिट्टी और रेत को उसी दिन हटाने के आदेश दिए गए।
पानी, बिजली और छाया की व्यवस्था
पीएचईडी विभाग को सभी हैंडपंप चालू रखने के निर्देश दिए गए, वहीं बिजली विभाग को तिरछे पोल ठीक करने और रास्ते से हटाने को कहा गया। साथ ही बीडीओ को नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और विश्राम स्थलों पर छाया की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
10 दिन बाद फिर होगा निरीक्षण
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अधिक मास के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 दिन बाद फिर से निरीक्षण किया जाएगा और अगर कमियां मिलीं तो कार्रवाई तय है।
Saloni Kushwaha 
