जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का दौरा, काजरी किसान मेले में प्राकृतिक खेती और श्री अन्न पर जोर

जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने काजरी किसान मेले में भाग लिया, प्राकृतिक खेती और ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) पर जोर देते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह दी।

जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का दौरा, काजरी किसान मेले में प्राकृतिक खेती और श्री अन्न पर जोर

राजस्थान के जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने काजरी संस्थान में आयोजित भव्य किसान मेले में शिरकत की। इस अवसर पर पश्चिमी राजस्थान के सैकड़ों किसान परिवार, कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

यह आयोजन केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान परिसर में किया गया, जहां कृषि से जुड़े नवीनतम शोध और तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

मेले में प्राकृतिक खेती और ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) के प्रसंस्करण को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया। किसानों को रासायनिक मुक्त खेती, जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते जलवायु परिस्थितियों में मिलेट्स और प्राकृतिक खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।

कार्यक्रम में देशभर के कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। साथ ही भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही, जिससे किसानों को नई रिसर्च और तकनीकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिला।

मेले में राज्य कृषि विभाग, निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स द्वारा विभिन्न स्टॉल लगाए गए। यहां आधुनिक कृषि उपकरण, स्मार्ट फार्मिंग तकनीक और नवाचार आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया गया।

नवोन्मेषी किसानों द्वारा विकसित तकनीकों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया, जिससे अन्य किसानों को नई दिशा और प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिसमें सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त खेती के तरीकों पर चर्चा की गई।

किसानों को अनुसंधान एवं प्रदर्शन इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया, ताकि वे नई तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझ सकें।

कार्यक्रम की शुरुआत में काजरी के अधिकारियों द्वारा केंद्रीय मंत्री शेखावत का स्वागत किया गया। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

यह किसान मेला पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां उन्हें एक ही मंच पर नई तकनीक, शोध और बाजार से जुड़ने का अवसर मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।