‘शूरवीर’ पर 24 घंटे का अल्टीमेटम, करणी सेना की चेतावनी- गाना नहीं हटा तो ‘मिर्जापुर’ का विरोध

‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर राजस्थान में विवाद बढ़ गया है। राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने निर्माताओं को 24 घंटे में गाना हटाने का अल्टीमेटम दिया है और मांग पूरी न होने पर फिल्म के विरोध की चेतावनी दी है।

‘शूरवीर’ पर 24 घंटे का अल्टीमेटम, करणी सेना की चेतावनी- गाना नहीं हटा तो ‘मिर्जापुर’ का विरोध

मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर राजस्थान में विवाद अब और तेज होता नजर आ रहा है। फिल्म के **‘शूरवीर’** गाने पर आपत्ति के बाद अब राजपूत करणी सेना ने फिल्म निर्माताओं को सीधी चेतावनी दी है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष **महिपाल मकराना** ने गाना हटाने के लिए 24 घंटे की समयसीमा तय करते हुए कहा है कि मांग पूरी नहीं हुई तो फिल्म के खिलाफ विरोध किया जाएगा।

मकराना के बयान के बाद विवाद सिर्फ गाने के इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहा। अब इसमें सेंसर बोर्ड, फिल्म निर्माता और सरकार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

24 घंटे में गाना हटाने की मांग

राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने ‘शूरवीर’ गीत को लेकर फिल्म निर्माताओं पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि फिल्म से इस गीत को **24 घंटे के भीतर हटाया जाना चाहिए**।

मकराना ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में गीत नहीं हटाया गया तो संगठन फिल्म का विरोध करेगा और इसे सिनेमाघरों में चलने नहीं देने की बात कही है।

महाराणा प्रताप के संदर्भ को लेकर आपत्ति

करणी सेना की आपत्ति इस बात को लेकर है कि गीत को फिल्म में किन दृश्यों और किरदारों के संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है। मकराना का कहना है कि महाराणा प्रताप वीरता, त्याग और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। ऐसे में उनसे जुड़ी भावनाओं और प्रतीकों को अपराध की दुनिया से जुड़े किरदारों के साथ जोड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उनका दावा है कि फिल्म के इस प्रस्तुतीकरण से ऐतिहासिक व्यक्तित्व के सम्मान और राजपूत समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचती है।

सरकार से फिल्म पर बैन की मांग

करणी सेना ने केवल गीत हटाने की मांग तक खुद को सीमित नहीं रखा है। संगठन की ओर से केंद्र और राज्य सरकार से **फिल्म पर प्रतिबंध लगाने** की मांग भी की गई है।

मकराना ने कहा है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

राजेंद्र राठौड़ के कदम पर भी सवाल

इस विवाद में बीजेपी नेता और राजस्थान के पूर्व नेता प्रतिपक्ष **राजेंद्र राठौड़** भी पहले ही सेंसर बोर्ड को पत्र लिख चुके हैं। राठौड़ ने ‘शूरवीर’ गीत के फिल्म में इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए इसे हटाने की मांग की थी।

अब महिपाल मकराना ने राठौड़ के इस कदम पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि सेंसर बोर्ड को पत्र लिखने के बजाय राठौड़ को सरकार के स्तर पर फिल्म पर कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।

अब आगे क्या?

एक तरफ सेंसर बोर्ड के सामने गीत को लेकर आपत्ति पहुंच चुकी है, वहीं दूसरी ओर करणी सेना ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर विवाद को और गरमा दिया है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि **फिल्म के निर्माता, सेंसर बोर्ड और सरकार इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं।**

फिलहाल ‘शूरवीर’ गीत को लेकर विवाद का केंद्र यही सवाल है—**फिल्मी कहानी के लिए ऐतिहासिक विरासत से जुड़े गीत के इस्तेमाल की सीमा आखिर क्या होनी चाहिए?**