सीकर के SK हॉस्पिटल में हंगामा: संविदाकर्मियों की छुट्टी, अस्पताल में धरना शुरू

पिछले 3 साल से कम वेतन में काम कर रही थीं और बिना किसी नोटिस के उन्हें हटा दिया गया।

सीकर के SK हॉस्पिटल में हंगामा: संविदाकर्मियों की छुट्टी, अस्पताल में धरना शुरू
संविदा कर्मियों के द्वारा अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

Sikar के शेखावाटी के सबसे बड़े मेडिकल सेंटर SK Hospital Sikar में शुक्रवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में संविदाकर्मियों को अचानक सेवा से हटाए जाने के विरोध में चिकित्सा कर्मियों ने अस्पताल परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

वित्तीय कारणों का हवाला, इंटर्न से काम कराने की तैयारी

जानकारी के अनुसार, Rajasthan Medical Education Society (राजमेश) ने वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने का हवाला देते हुए नर्सिंग संविदाकर्मियों को हटाने के निर्देश दिए।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब उनकी जगह 55 नर्सिंग इंटर्न्स को लगाया जाएगा, जिससे स्टाफ का बोझ कम होगा और छात्रों को ट्रेनिंग मिलेगी।

“बिना नोटिस निकाला, महीनों बिना सैलरी काम किया”

धरने पर बैठी संविदाकर्मी मनीषा चौधरी ने आरोप लगाया कि वे पिछले 3 साल से कम वेतन में काम कर रही थीं और बिना किसी नोटिस के उन्हें हटा दिया गया।

उन्होंने कहा कि पिछले साल भी उन्होंने करीब ढाई महीने बिना सैलरी के काम किया था, लेकिन इस बार टेंडर रिन्यू करने के बजाय उन्हें बाहर कर दिया गया।

भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव के आरोप

संविदाकर्मी विजेंद्र ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य मेडिकल कॉलेजों में संविदाकर्मी अभी भी कार्यरत हैं, लेकिन सीकर में ही उन्हें हटाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक दबाव और निजी स्वार्थ के चलते लिया गया है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन उग्र होगा।

प्रशासन का पक्ष: “व्यवस्था होगी बेहतर”

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि संविदाकर्मियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह निर्णय लिया गया है और इंटर्न्स की तैनाती से व्यवस्थाएं सुधरेंगी। हालांकि, संविदाकर्मी इस दावे को गलत बताते हुए कह रहे हैं कि उनका कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ और उन्हें कोई लिखित आदेश भी नहीं दिया गया।