जयपुर में पानी बना परेशानी! 15 दिन से बदबूदार सप्लाई, कीड़े निकलने के आरोप से भड़के लोग
जयपुर के जवाहर नगर टीला नंबर-1 कच्ची बस्ती में 15 दिनों से दूषित और बदबूदार पानी की सप्लाई। लोगों ने स्वास्थ्य संकट का खतरा जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
राजधानी जयपुर के जवाहर नगर स्थित टीला नंबर-1 कच्ची बस्ती में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले करीब 15 दिनों से यहां के लोगों को नलों से साफ पानी के बजाय बदबूदार और दूषित पानी मिलने की शिकायत है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पानी से तेज दुर्गंध आती है और उसमें छोटे-छोटे कीड़े भी दिखाई दे रहे हैं। लगातार खराब पानी की सप्लाई से लोगों में डर, नाराजगी और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कुछ दिनों की तकनीकी समस्या होगी, लेकिन दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि कई परिवार पीने के लिए बाजार से पानी खरीदने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग पानी को कई बार छानने और उबालने के बाद ही उपयोग कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च नई परेशानी बन गया है।
बदबूदार पानी से लोगों में दहशत
स्थानीय लोगों के अनुसार नलों से आने वाले पानी में इतनी तेज बदबू होती है कि उसका इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों का दावा है कि पानी में छोटे-छोटे कीड़े भी नजर आए हैं। ऐसे में लोगों को आशंका है कि दूषित पानी के कारण किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का खतरा पैदा हो सकता है।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने का दावा
इलाके के कई परिवारों का कहना है कि दूषित पानी पीने के बाद बच्चों में उल्टी, दस्त और पेट संबंधी शिकायतें देखने को मिली हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोग खराब पानी को इन समस्याओं की वजह मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बीमारियों के फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं मिली राहत
जवाहर नगर कच्ची बस्ती विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष युगल खोड़ा का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों को लिखित और मौखिक शिकायत दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग और नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं, जबकि आम जनता रोजाना परेशानी झेल रही है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दूषित पेयजल की सप्लाई तुरंत बंद कर साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पूरी पाइपलाइन की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि पानी दूषित होने की वजह क्या है। लोगों ने यह भी मांग की है कि यदि किसी अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बढ़ता आक्रोश, जल्द समाधान की उम्मीद
लगातार 15 दिनों से खराब पानी की सप्लाई झेल रहे लोगों का कहना है कि साफ पेयजल हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है, लेकिन उन्हें इसके लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल पूरे इलाके में जलदाय विभाग के प्रति लोगों में भारी नाराजगी है और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

