जयपुर में सीवर बना मौत का कुंड, जहरीली गैस से 2 मजदूरों की दर्दनाक मौत

Jhotwara में सीवर प्लांट हादसे ने सिस्टम की लापरवाही उजागर की। जहरीली गैस से 2 मजदूरों की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल।

राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में हुआ यह सीवर प्लांट हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी और जिम्मेदारों की घोर लापरवाही का कड़वा सच है। जहरीली गैस से भरे सीवर में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के मजदूरों को उतारना सीधे-सीधे उन्हें मौत के मुंह में धकेलने जैसा है। गजाधरपुरा स्थित प्लांट में जैसे ही वॉल खोलने के दौरान मलबा भर गया, तीनों मजदूर जिंदा दफन होते चले गए और मदद पहुंचने से पहले ही दो जिंदगियां खत्म हो गईं। सवाल यह है कि क्या मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं? क्या सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं? मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम और पुलिस ने रेस्क्यू जरूर किया, लेकिन यह राहत उस दर्दनाक सच को नहीं छिपा सकती कि अगर पहले से सुरक्षा इंतजाम होते तो यह हादसा टल सकता था। गुस्साए लोगों और संगठनों ने अब साफ कर दिया है कि इस बार जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यह हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई मौत है।