Kota Airport: हाड़ौती के सपनों को मिली रफ्तार, कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का फाउंडेशन शुरू, 2027 से उड़ानों का लक्ष्य
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण तेज हुआ। फाउंडेशन कार्य शुरू, अक्टूबर 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य। दिसंबर 2027 से उड़ानें शुरू होने की संभावना।
कोटा। हाड़ौती अंचल के बहुप्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ने अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर लिया है। परियोजना का फाउंडेशन निर्माण शुरू हो चुका है और इसके साथ ही एयरपोर्ट निर्माण की रफ्तार भी तेज हो गई है। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य पूरा होता है तो दिसंबर 2027 से यहां से नियमित हवाई सेवाओं की शुरुआत हो सकती है। इससे कोटा, बूंदी समेत पूरे हाड़ौती क्षेत्र को पहली बार अपने क्षेत्र से सीधी एयर कनेक्टिविटी मिलने का रास्ता साफ होगा।
हाल ही में नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परियोजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्माण की वर्तमान प्रगति, डिजाइन और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के डिजाइन विकास का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अब फाउंडेशन निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, जिससे परियोजना अगले चरण में पहुंच गई है।

बैठक के दौरान ओम बिरला ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एयरपोर्ट का संपूर्ण निर्माण अक्टूबर 2027 तक पूरा किया जाए ताकि दिसंबर 2027 से नियमित उड़ानों का संचालन शुरू किया जा सके। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। साथ ही परियोजना की प्रगति की समीक्षा हर तीन महीने में करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
करीब 1507 करोड़ रुपये की लागत से शंभूपुरा क्षेत्र में विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हाड़ौती की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद कोटा, बूंदी के अलावा बारां, झालावाड़ और आसपास के जिलों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में हवाई यात्रा के लिए लोगों को जयपुर, उदयपुर या अन्य शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन नया एयरपोर्ट इस परेशानी को काफी हद तक खत्म कर देगा।
एयरपोर्ट केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगा। कोटा देश की प्रमुख शिक्षा नगरी है, जहां हर वर्ष लाखों छात्र और उनके अभिभावक आते हैं। बेहतर हवाई संपर्क मिलने से उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। वहीं, बूंदी और हाड़ौती के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत को तेज कनेक्टिविटी मिलने से निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों में भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को हाड़ौती के विकास का नया इंजन माना जा रहा है। यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र शिक्षा, पर्यटन, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

