दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भयंकर हादसा, अलवर के पिनान में वोल्वो बस का ट्रक से जोरदार टक्कर, 2 की मौत, 31 घायल
राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पिनान इंटरचेंज पुलिया के पास मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। अहमदाबाद से दिल्ली जा रही एक वोल्वो बस की जोरदार टक्कर एक खड़े ट्रक से हो गई।
अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पिनान इंटरचेंज पुलिया के पास मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। अहमदाबाद से दिल्ली जा रही एक वोल्वो बस की जोरदार टक्कर एक खड़े ट्रक से हो गई, जिसमें ट्रक हेल्पर समेत दो लोगों की मौके पर या अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। हादसे में कुल 31 लोग घायल हुए, जिनमें से 15 को गंभीर हालत में अलवर के राजीव गांधी जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों को पिनान कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
यह हादसा सुबह करीब 6 बजे घटित हुआ, जब सुबह का धुंधला मौसम और तेज रफ्तार ने सब कुछ बदल दिया। शुरुआती जांच में पुलिस ने ट्रक का पंक्चर होना और बस की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया है। एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बहाल कर दिया गया है, लेकिन यह घटना राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों की चिंता को और गहरा कर रही है।
हादसे की पूरी कहानी: पंक्चर ट्रक और तेज रफ्तार बस की भिड़ंत
जानकारी के अनुसार, वोल्वो बस सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे अहमदाबाद से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। सुबह 6 बजे जब वह पिनान इंटरचेंज के पास पहुंची, तो सामने खड़ा ट्रक दिखाई दिया। ट्रक चंबल क्षेत्र से लकड़ी लादकर हरियाणा के नूंह-मेवात जा रहा था। रास्ते में ट्रक का टायर पंक्चर हो गया था, जिसके कारण ड्राइवर ने इसे एक्सप्रेसवे के किनारे खड़ा कर दिया था। ट्रक का हेल्पर हारून टायर बदलने में जुटा था, जबकि ट्रक में सात लोग सवार थे।

इसी बीच पीछे से तेज गति से आ रही वोल्वो बस ने ट्रक के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रक में घुस गया, और बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद ट्रक हेल्पर हारून की मौके पर ही मौत हो गई। बस में सवार विराट नगर (अलवर) के निवासी रोशन लाल पुत्र रामकिशन की हालत नाजुक थी, और उन्हें अलवर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बस ड्राइवर भैरू सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसके लिए उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
बस में करीब 25 यात्री सवार थे, जबकि ट्रक में सात लोग। हादसे में घायल यात्रियों में शब्बीर, हारून, अकरम, रमेश, कार्तिक, सुधाकर, रघुनाथ, राजेश परमार, जाहुल समेत कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को तुरंत पिनान स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 15 गंभीर घायलों को अलवर के राजीव गांधी जनरल हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: ट्रैफिक बहाल, जांच जारी
हादसे की सूचना मिलते ही राजगढ़ थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को एम्बुलेंस से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों वाहनों को क्रेन से हटाकर एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बहाल कर दिया गया। एसपी अलवर कलान सिंह भाटी ने बताया, “शुरुआती जांच में ट्रक का पंक्चर और बस की अत्यधिक रफ्तार मुख्य कारण लग रहे हैं। फॉग लाइट न जलाना और लापरवाही भी इसमें शामिल हो सकती है। वाहनों को सीज कर दिया गया है, और ड्राइवरों के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया जाएगा।”
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अलवर मॉर्चरी भेज दिया है। परिवारों को सूचना दे दी गई है, और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे: चेतावनी का संकेत
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे राजस्थान का एक प्रमुख हिस्सा है, लेकिन हाल के महीनों में यहां हादसों की संख्या में इजाफा देखा गया है। 2025 में अब तक राजस्थान के हाईवे पर 9,711 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जिसमें अक्टूबर में ही 771 लोगों की जान गई। चार दिनों में 64 हादसों में 64 मौतें दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, धुंध और वाहनों की खराब हालत मुख्य कारण हैं। इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट सख्त करने और फॉग लाइट अनिवार्य करने की योजना बनाई है।
मृतकों के परिजनों ने न्याय की मांग की है, जबकि घायल यात्रियों ने कहा, “एक्सप्रेसवे पर साइनबोर्ड और लाइटिंग की कमी ने हादसे को न्योता दिया।” यह घटना न केवल परिवारों के लिए दुखद है, बल्कि पूरे राज्य के लिए सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।

