रींगस में भैरूं बाबा का 10 दिवसीय मेला चरम पर, उमड़ा आस्था का सैलाब

राजस्थान के भैरूं बाबा मंदिर में वैसाख मेले के दौरान 2 लाख श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। 700 साल पुरानी आस्था, कड़ी सुरक्षा और भव्य आयोजन चर्चा में।

रींगस में भैरूं बाबा का 10 दिवसीय मेला चरम पर, उमड़ा आस्था का सैलाब

राजस्थान के रींगस में स्थित प्रसिद्ध भैरूं बाबा मंदिर का दस दिवसीय मेला इन दिनों पूरे शबाब पर है। वैसाख माह के रविवार (26 अप्रैल) को यहां आस्था का जबरदस्त जनसैलाब उमड़ा। बीते 24 घंटों में करीब 2 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर मनौतियां मांगीं।

सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। देशभर से श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ पहुंचे—जहां बच्चों से लेकर नवविवाहित जोड़े तक परंपरा निभाते नजर आए। पूरे क्षेत्र में भक्ति, उत्साह और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।

मेले का खास महत्व और परंपरा

भैरूं बाबा का यह मेला हर साल वैसाख महीने में आयोजित होता है, जिसमें छोटे और बड़े मेले का विशेष महत्व होता है। इस बार रविवार को लगे बड़े मेले में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया और बाबा का भव्य श्रृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं मजबूत

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ RAC के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

आगे और बढ़ेगी भीड़

मेला पूर्णिमा तक जारी रहेगा और अगले चार दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मेला समिति और प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता

करीब 700 साल पुराने इस मंदिर से जुड़ी एक प्राचीन मान्यता भी बेहद रोचक है। कहा जाता है कि भैरव बाबा ने ब्रह्मा के पांचवें मुख का वध किया था, जिससे उन्हें ब्रह्महत्या का पाप लगा। इस पाप के प्रायश्चित के लिए वे तीनों लोकों की यात्रा पर निकले और उनकी यह यात्रा यहीं रींगस से शुरू हुई थी।