भीलवाड़ा में अतिक्रमण विवाद, ग्रामीणों का विधायक लादूलाल पितलिया के खिलाफ अर्धनग्न प्रदर्शन

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में अतिक्रमण का नया विवाद गरमाया हुआ है। बीजेपी विधायक लादूलाल पितलिया का नाम जमीन हड़पने के आरोपों से जुड़ गया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने अर्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया।

भीलवाड़ा में अतिक्रमण विवाद, ग्रामीणों का विधायक लादूलाल पितलिया के खिलाफ अर्धनग्न प्रदर्शन

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में अतिक्रमण का नया विवाद गरमाया हुआ है। बीजेपी विधायक लादूलाल पितलिया का नाम जमीन हड़पने के आरोपों से जुड़ गया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने अर्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का दावा है कि विधायक ने उनकी पैतृक जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। उधर, विधायक पितलिया ने सभी आरोपों को 'बेबुनियाद' और 'राजनीतिक साजिश' बताते हुए खारिज कर दिया। घटना के दौरान विधायक ने पुलिस को बुला लिया, जिसने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। यह विवाद विधायक के खिलाफ पहले से चल रही शिकायतों (जैसे कार्यकर्ताओं का विरोध और बजरी ठेकेदारों से विवाद) को नई ऊंचाई दे रहा है।

ग्रामीणों का आरोप: जमीन पर विधायक का कब्जा

प्रदर्शन का केंद्र बिंदु सहाड़ा के एक ग्रामीण इलाका है, जहां बंशीलाल माली नामक किसान ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बंशीलाल के अनुसार

  • उनकी 5 बीघा पैतृक कृषि भूमि पर विधायक लादूलाल पितलिया ने अतिक्रमण कर निर्माण सामग्री (ईंट, बालू) पहुंचा दी है और अवैध निर्माण शुरू कर दिया है।
  • उन्होंने तहसीलदार से जमीन का तरमीम (सीमांकन) कराया, लेकिन विधायक इसे मानने को तैयार नहीं हैं। "हमारी जमीन पर उनका कब्जा है, लेकिन वे कहते हैं कि यह उनकी है। तहसील के दस्तावेज भी उनके लिए बेकार हैं," बंशीलाल ने बताया।
  • ग्रामीणों ने 'पानी नहीं तो वोट नहीं' जैसे नारों की तर्ज पर 'जमीन लौटाओ वरना अर्धनग्न धरना' का फैसला लिया। दर्जनों ग्रामीणों ने कपड़े उतारकर विधायक के कार्यालय के बाहर धरना दिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

यह घटना राजस्थान में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियानों (जैसे धौलपुर और राजसमंद में बुलडोजर एक्शन) के बीच आई है, जहां ग्रामीण अपनी जमीन बचाने के लिए आक्रामक रुख अपना रहे हैं।

प्रदर्शनकारी भगाए गए

प्रदर्शन के दौरान विधायक लादूलाल पितलिया ने तुरंत स्थानीय थाने को फोन किया। भीलवाड़ा एसपी के निर्देश पर रायपुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। एक ग्रामीण ने बताया, "हम शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें धमकाया और भगा दिया। विधायक जी खुद नहीं आए, सिर्फ पुलिस को बुलाया।" पुलिस ने कहा कि मामला संज्ञान में है और जांच के बाद कार्रवाई होगी।

विधायक पितलिया का खंडन: 'साजिश, राजनीतिक दुश्मनी का नतीजा'

विधायक लादूलाल पितलिया ने फोन पर वेबसाइट से बातचीत में सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा, "यह सब विपक्ष की साजिश है। मेरी कोई जमीन पर कब्जा नहीं है। मैं विकास के लिए काम कर रहा हूं, लेकिन कुछ लोग बदनाम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। तहसील के रिकॉर्ड चेक कर लें, सब साफ है।" पितलिया ने याद दिलाया कि वे पहले भी विवादों (जैसे बेटे विजय पितलिया का बजरी ठेकेदारों से झगड़ा और ग्रामीणों के विरोध) का शिकार रहे हैं, लेकिन हर बार बेदाग साबित हुए। उन्होंने कहा, "ग्रामीणों से बात करूंगा, लेकिन कानून का पालन जरूरी है।"

यह विवाद सहाड़ा विधायक के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। मई 2025 में सुरावास गांव में घोषणाओं को पूरा न करने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत तक नहीं किया था, और अगस्त में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।