कांस्टेबल ने खुद को मारी गोली, 3 घंटे पहले सोशल मीडिया पर लिखा- 'कौन सी रात आखिरी होगी?'

जिला जेल के सुरक्षा टावर पर शनिवार रात ड्यूटी दे रहे कांस्टेबल रामकिशोर मीणा ने अपनी सर्विस एसएलआर राइफल से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना रात करीब 10 बजे की है, जब ड्यूटी बदलने आए दूसरे प्रहरी ने टावर पर उनका शव देखा।

कांस्टेबल ने खुद को मारी गोली, 3 घंटे पहले सोशल मीडिया पर लिखा- 'कौन सी रात आखिरी होगी?'

भीलवाड़ा। जिला जेल के सुरक्षा टावर पर शनिवार रात ड्यूटी दे रहे कांस्टेबल रामकिशोर ने अपनी सर्विस एसएलआर राइफल से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना रात करीब 10 बजे की है, जब ड्यूटी बदलने आए दूसरे प्रहरी ने टावर पर उनका शव देखा। इससे पहले शाम 7 बजे के करीब रामकिशोर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था- "जिंदगी में जब भी अवसर मिले तो इसका पूरा आनंद लेना चाहिए, पता नहीं कौन सी रात आखिरी होगी?" यह पोस्ट उनकी मौत से महज तीन घंटे पहले की थी।

छुट्टी से लौटते ही लगी ड्यूटी, संगीत प्रेमी थे रामकिशोर

पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल रामकिशोर मोडिवाल शनिवार को ही अवकाश से ड्यूटी पर लौटे थे। शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक अजमेर ओवरब्रिज की तरफ बने वॉच टावर पर उनकी ड्यूटी थी। रात 10 बजे ड्यूटी बदलने पहुंचे जेल प्रहरी ने टावर पर खून से लथपथ रामकिशोर का शव देखा। पास में पड़ी एसएलआर राइफल से तीन फायर हुए थे, जिनमें दो खाली गए और एक गोली सीने में लगी। मौके पर मौजूद कारतूसों से यह पुष्टि हुई है।

पुलिस और FSL टीम ने की जांच, कारण अभी अज्ञात

सूचना मिलते ही एसपी धर्मेंद्र यादव, एएसपी पारस जैन, जेल अधीक्षक शैलेंद्र सिंह फौजदार सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया गया। FSL टीम ने साक्ष्य जुटाए। एएसपी पारस जैन ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन कारणों का पता नहीं चल सका है। परिजनों से पूछताछ और मोबाइल डेटा खंगाला जा रहा है। रामकिशोर संगीत के शौकीन थे और सहकर्मियों में लोकप्रिय थे। किसी को उनकी इस कदम की भनक तक नहीं लगी।

शनिवार को आया था छुट्टी से

आत्महत्या करने वाले रामकिशोर शनिवार को ही अवकाश के बाद वापस ड्यूटी पर लोटे थे। संगीत का शौकीन रामकिशोर इस तरह मौत को गले लगा लेगा, किसी ने कभी सोचा भी नहीं था। शनिवार शाम को 6 से रात 10 बजे तक उनकी पहरे पर ड्यूटी थी। सुरक्षा टावर पर रात 10 बजे दूसरा संतरी जेल प्रहरी ड्यूटी करने पहुंचा, तो जेल के सुरक्षा टावर पर रामकिशोर का शव देखा।