केदारनाथ धाम पहुंची बाबा केदार की डोली, कल खुलेंगे कपाट
चारधाम यात्रा के तीसरे दिन बाबा केदारनाथ की डोली धाम पहुंची। 23 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। इस साल 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन।
चारधाम यात्रा के तीसरे दिन आज बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंच गई है। ओंकारेश्वर मंदिर से निकली इस डोली ने तीन दिनों में 57 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की है। बाबा के स्वागत के लिए आज यहां पर करीब 6 से 8 हजार श्रद्धालु पहुंच हैं। डोली के केदारनाथ पहुंचने के साथ ही अब धाम में कपाट खोलने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कल यानी बुधवार सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट 181 दिन बाद खोल दिए जाएंगे।
वहीं, दूसरी ओर बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। नृसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़ जी की डोली बद्रीनाथ के लिए रवाना हो चुकी है। सभी देव डोलियों का मिलन पांडुकेश्वर में होगा, जहां रात्रि विश्राम के बाद ये डोलियां आगे बढ़ेंगी और 23 अप्रैल की सुबह बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
तीन दिन पहले बाबा केदार ने छोड़ा शीतकालीन गद्दीस्थल
बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली रविवार, 19 अप्रैल को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई थी। 20 किलोमीटर का सफर तय कर डोली फाटा पहुंची, जहां आर्मी बैंड की धुन और स्कूली बच्चों के जयकारों के साथ डोली का स्वागत किया गया। इसके बाद डोली सोमवार सुबह फाटा से निकली और शाम को गौरीकुंड पहुंची। यहां से मंगलवार सुबह बाबा की पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो चुकी है। बाबा केदार की डोली 178 दिन ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में विराजमान रही। इससे पहले, 23 अक्टूबर 2025 (भैया दूज) को सुबह 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट बंद किए गए थे। कपाट बंद होने के बाद बाबा की डोली रामपुर और गुप्तकाशी होते हुए तीन दिनों की पैदल यात्रा पूरी कर 25 अक्टूबर 2025 को ऊखीमठ पहुंची थी, जहां छह महीने तक उनकी शीतकालीन पूजा-अर्चना हुई।
7 लाख लोगों ने केदारनाथ के लिए कराया रजिस्ट्रेशन
2025 में यात्रा शुरू होने तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि इस साल (2026) 20 अप्रैल तक 21 लाख लोगों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनमें केदारनाथ के लिए 7 लाख और बद्रीनाथ के लिए करीब 6 लाख रजिस्ट्रेशन शामिल हैं। इस बार भी पिछले साल की तरह श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह दिख रहा है और संख्या तेजी से बढ़ रही है।
149 दिन बाद बद्रीनाथ धाम पहुंचेंगे भगवान बद्री विशाल
बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहे हैं। इसे देखते हुए चमोली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। धाम में आतंकवादी निरोध दस्ता (एटीएस) की तैनाती भी की गई है। भगवान बद्री विशाल की डोली मंगलवार, 21 अप्रैल को जोशीमठ से धाम के लिए रवाना हो गई। करीब 42 किलोमीटर का सफर तय करके डोली बुधवार शाम बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी। 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। भगवान बद्रीनाथ की गद्दी करीब 6 महीने तक जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में विराजमान रही। बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 2:56 बजे बंद हुए थे। कपाट बंद होने के बाद भगवान की गद्दी पांडुकेश्वर होते हुए अपने शीतकालीन प्रवास जोशीमठ पहुंची थी, जहां पूरी सर्दियों में उनकी विशेष पूजा-अर्चना हुई।
दो दिन पहले खुले थे गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट
रविवार से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए थे। इससे पहले गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर 2025 (अन्नकूट, गोवर्धन पूजा) को सुबह 11:36 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट भाई दूज पर 23 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे।
Ayush Pareek 
