15 अगस्त से पहले बीकानेर बॉर्डर पर बड़ा प्रहार: ड्रोन से आई 10 किलो हेरोइन, विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद

15 अगस्त से पहले बीकानेर के खाजूवाला बॉर्डर पर ऑपरेशन शॉक वेव के तहत 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी हथियार, 22 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद। ड्रोन तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा।

15 अगस्त से पहले बीकानेर बॉर्डर पर बड़ा प्रहार: ड्रोन से आई 10 किलो हेरोइन, विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद

15 अगस्त से पहले बीकानेर के खाजूवाला बॉर्डर पर राजस्थान पुलिस ने ऑपरेशन शॉक वेव के तहत 10 किलो हेरोइन, 11 विदेशी हथियार, 22 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए। ड्रोन के जरिए पाकिस्तान सीमा पार से भेजी गई खेप को पुलिस ने जब्त कर एक आरोपी को हिरासत में लिया।

बीकानेर जिले के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे खाजूवाला क्षेत्र में राजस्थान पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से चल रहे ड्रोन तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। 'ऑपरेशन शॉक वेव' के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने करोड़ों रुपये कीमत की 10 किलोग्राम हेरोइन, 11 अत्याधुनिक विदेशी हथियार, 22 मैगजीन और 100 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस दौरान तस्करी का माल लेने पहुंचे एक आरोपी को भी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई बीकानेर रेंज के आईजी ओम प्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में खाजूवाला थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त रूप से अंजाम दी। खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस ने भारत-पाक सीमा के समीप 8 KYD क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की। इसी दौरान ड्रोन के माध्यम से भेजी गई खेप को रिसीव करने पहुंचे आरोपी वीरेंद्र सिंह को मौके से राउंडअप कर लिया गया। उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के नेटवर्क में किया जा रहा था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद हेरोइन के तार अफगानिस्तान के मादक पदार्थ तस्करों से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह खेप पाकिस्तान के रास्ते ड्रोन से भारतीय सीमा में पहुंचाई गई थी और आगे इसे पंजाब के विभिन्न इलाकों तक पहुंचाने की योजना थी। हालांकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते तस्करों की यह पूरी साजिश नाकाम हो गई।

बरामद हथियारों में 11 विदेशी निर्मित आधुनिक हथियार शामिल हैं। इनके साथ 22 मैगजीन और 100 जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप किसी संगठित आपराधिक या आतंकी नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय और राज्य की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां भी मामले की जांच में जुट गई हैं।

राजस्थान पुलिस का कहना है कि हाल के महीनों में सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और आधुनिक तकनीक के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई में विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बेहतर समन्वय ने अहम भूमिका निभाई।

मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच एएसपी (ग्रामीण) बी.एल. मीणा को सौंपी गई है। जांच एजेंसियां अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, ड्रोन किस स्थान से उड़ाया गया था और सीमा पार बैठे तस्करों से इसका संपर्क कैसे स्थापित हुआ।

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले हुई इस बड़ी कार्रवाई को राजस्थान पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते इस खेप को पकड़ लेने से न केवल करोड़ों रुपये की हेरोइन की तस्करी रोकी गई, बल्कि विदेशी हथियारों की संभावित सप्लाई को भी विफल कर दिया गया। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।