Jaipur News: करणी सेना की 'सवर्ण न्याय पैदल यात्रा' जयपुर में रोकी गई, पुलिस ने छोड़ी वॉटर कैनन; कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की

Jaipur News: राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की 'सवर्ण न्याय पैदल यात्रा' को जयपुर में शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, भीड़ नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

Jaipur News: करणी सेना की 'सवर्ण न्याय पैदल यात्रा' जयपुर में रोकी गई, पुलिस ने छोड़ी वॉटर कैनन; कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की

Jaipur News: यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से निकाली जा रही 'सवर्ण न्याय पैदल यात्रा' सोमवार को जयपुर पहुंची। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

शहर में प्रवेश की नहीं मिली अनुमति

करीब 24 दिन का सफर तय कर जयपुर पहुंची इस यात्रा को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला कलेक्ट्रेट तक जाना था, जहां जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाना था। हालांकि, कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन ने यात्रा को शहर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

इस फैसले पर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने कड़ी नाराजगी जताई।

पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की

प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने यात्रा को आगे बढ़ने से रोका तो कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के चलते यातायात भी प्रभावित हुआ और एक एंबुलेंस के जाम में फंसने की सूचना भी सामने आई।

क्या है करणी सेना की मांग?

करणी सेना का कहना है कि यह पैदल यात्रा देशनोक से शुरू हुई थी। संगठन के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग को सरकार तक पहुंचाना और युवाओं की आवाज बुलंद करना है।

यात्रा के समापन पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की योजना थी, लेकिन प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।

पूरे घटनाक्रम के बाद राजधानी जयपुर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है