जैसलमेर के रेगिस्तान में मिला 10 फीट लंबा घड़ियाल, वन विभाग ने एक घंटे के रेस्क्यू के बाद बचाई जान
जैसलमेर के मोहनगढ़ में इंदिरा गांधी नहर से 10 फीट लंबे घड़ियाल का सफल रेस्क्यू किया गया। वन विभाग ने एक घंटे के अभियान के बाद सुरक्षित पकड़कर प्राकृतिक आवास में छोड़ने की तैयारी की।
राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक दुर्लभ वन्यजीव रेस्क्यू ऑपरेशन ने लोगों का ध्यान खींचा है। मोहनगढ़ क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर की आरएनडी (RND) माइनर में करीब एक महीने से भटक रहे लगभग 10 फीट लंबे घड़ियाल को वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। पानी की कमी और भोजन न मिलने के कारण उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था।
खेतों के पास दिखा विशाल घड़ियाल, ग्रामीणों में मची हलचल
वन विभाग के अनुसार, रविवार शाम मोहनगढ़ क्षेत्र के किसानों ने खेतों के पास स्थित आरएनडी माइनर में एक विशाल घड़ियाल देखा। अचानक इतने बड़े जलीय जीव के दिखाई देने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
हालांकि, किसी ने भी उसे पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश नहीं की। ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई।
रात में चला रेस्क्यू अभियान
सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) हनुमान राम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। सोमवार रात करीब 9 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
घड़ियाल का आकार और वजन काफी अधिक होने के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं था। रेस्क्यू के दौरान वह लगातार छटपटाता रहा और अपनी ताकतवर पूंछ से जोरदार वार करता रहा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने रस्सियों और जाल की मदद से उसे बिना किसी चोट के सुरक्षित काबू में कर लिया।
इस पूरे अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन विभाग का सहयोग किया।
एक महीने से नहर में भटक रहा था घड़ियाल
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह घड़ियाल पिछले लगभग एक महीने से इंदिरा गांधी नहर प्रणाली में घूम रहा था। तेज जल प्रवाह के कारण पहले उसका रेस्क्यू संभव नहीं हो पाया था।
बाद में वह आरएनडी माइनर तक पहुंच गया, जहां पानी का स्तर काफी कम था। इस माइनर में मछलियों की संख्या भी बेहद कम होने के कारण उसे पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं किया जाता, तो भूख और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण उसकी मौत भी हो सकती थी।
रेगिस्तानी इलाके में दुर्लभ घटना
वन विभाग के अनुसार, जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में घड़ियाल का मिलना बेहद असामान्य घटना है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज या चंबल नदी क्षेत्र से पानी के बहाव के साथ इंदिरा गांधी नहर तक पहुंच गया होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी नहर प्रणाली के माध्यम से जलीय जीव लंबी दूरी तय करते हुए अपने प्राकृतिक आवास से काफी दूर पहुंच जाते हैं।
सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा
रेस्क्यू के बाद घड़ियाल को फिलहाल वन विभाग की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद उसे ऐसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा, जहां उसके लिए पर्याप्त पानी, भोजन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो। इसके लिए किसी बड़ी नदी या घड़ियाल अभयारण्य में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है।
रेस्क्यू टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस अभियान में क्षेत्रीय वन अधिकारी हनुमान राम के नेतृत्व में सहायक वनपाल रावतराम, वनरक्षक मेहराराम, राकेश और पृथ्वीराज सहित वन विभाग की टीम ने हिस्सा लिया। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी वन्यजीव के आबादी वाले क्षेत्र में आने की सूचना मिले, तो स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को जानकारी दें, ताकि वन्यजीव और लोगों—दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

