जयपुर में सवर्ण समाज का महाआंदोलन: UGC Roll Back की मांग को लेकर 24 राज्यों से जुटे हजारों लोग, कलक्ट्रेट तक निकलेगी विशाल रैली

Jaipur News: UGC Roll Back और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर जयपुर में विशाल रैली और महाआंदोलन आयोजित हुआ। 24 राज्यों से हजारों लोग शामिल हुए, प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।

जयपुर में सवर्ण समाज का महाआंदोलन: UGC Roll Back की मांग को लेकर 24 राज्यों से जुटे हजारों लोग, कलक्ट्रेट तक निकलेगी विशाल रैली

Jaipur News: राजधानी जयपुर में सोमवार को यूजीसी (UGC) के कथित विवादित नियमों को वापस लेने (UGC Roll Back) और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों के समर्थन में विशाल प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया गया। इस महाआंदोलन में देश के करीब 24 राज्यों से हजारों की संख्या में लोग, सामाजिक संगठन और प्रतिनिधि शामिल हुए। सुबह से ही जयपुर के रावण गेट और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जिसके चलते शहर के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों को वापस लेने के साथ-साथ सवर्ण समाज के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। आंदोलन के दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, यह रैली रावण गेट से शुरू होकर पानीपेच होते हुए जयपुर कलक्ट्रेट पहुंचेगी। वहां एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन को अपनी विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। रैली के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल रहेंगे।

इस आंदोलन का एक प्रमुख आकर्षण बीकानेर के देशनोक से निकली लगभग 800 किलोमीटर लंबी पदयात्रा भी रही, जो रविवार को जयपुर पहुंचकर संपन्न हुई। पदयात्रा में शामिल लोगों ने इसे समाज की एकजुटता का प्रतीक बताते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

रैली और प्रदर्शन को देखते हुए जयपुर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। रैली मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन ज्ञापन मिलने के बाद इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है।