जैसलमेर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उड़ाया ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर, पाकिस्तान बॉर्डर के पास दिखी ताकत
जैसलमेर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी LCH ‘प्रचंड’ में भरी उड़ान। भारत-पाक सीमा के पास सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का दिया मजबूत संदेश।
जैसलमेर से एक गर्व का क्षण सामने आया, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी। यह उड़ान भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक स्थित एयरफोर्स स्टेशन से भरी गई, जिसने देश की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
राष्ट्रपति ने इस दौरान को-पायलट के रूप में हेलीकॉप्टर में सवार होकर उड़ान का अनुभव लिया। उड़ान से पहले उन्हें पूरी तकनीकी जानकारी और सुरक्षा ब्रीफिंग भी दी गई थी।
क्या है ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर की खासियत?
‘प्रचंड’ भारत का पहला स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर है, जिसे Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने डिजाइन और विकसित किया है। यह हेलीकॉप्टर खासतौर पर ऊंचाई वाले इलाकों और युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है।
इस हेलीकॉप्टर में आधुनिक हथियार, मिसाइल सिस्टम और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने में सक्षम है।
पाकिस्तान बॉर्डर के पास क्यों अहम है यह उड़ान?
जैसलमेर भारत-पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब स्थित है और रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में राष्ट्रपति की मौजूदगी और ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में उड़ान को भारत की सैन्य तैयारियों और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
यह कदम यह भी दर्शाता है कि देश अब रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और स्वदेशी तकनीक पर भरोसा बढ़ रहा है।
देश को दिया मजबूत संदेश
राष्ट्रपति मुर्मू, जो सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर भी हैं, उनकी यह उड़ान भारतीय सेना के मनोबल को बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
इस दौरान उन्होंने एयरफोर्स के जवानों से भी मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की। यह दौरा न केवल सैन्य दृष्टि से बल्कि राष्ट्रीय गौरव के नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Saloni Kushwaha 
