राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: देर रात तक आए सरपंच-पंचों के नतीजे, आज 3,314 पंचायतों में उपसरपंच चुनाव; जानें जिलेवार परिणाम

राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण के बाद 3,314 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच चुनाव की प्रक्रिया। जानें जयपुर, खाजूवाला, शिवगंज और मण्डार के सरपंच चुनाव के नतीजे।

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: देर रात तक आए सरपंच-पंचों के नतीजे, आज 3,314 पंचायतों में उपसरपंच चुनाव; जानें जिलेवार परिणाम

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के बाद गांवों की सियासत में हलचल तेज हो गई है। शनिवार को प्रदेश के 16 जिलों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान हुआ। मतदान समाप्त होने के बाद शुरू हुई मतगणना के नतीजे देर रात तक सामने आते रहे। कहीं प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, तो कहीं मुकाबला बेहद करीबी रहा। अब रविवार को 3,314 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच चुने जा रहे हैं। खास बात यह है कि उपसरपंच के चुनाव में आम मतदाता हिस्सा नहीं लेंगे, बल्कि नवनिर्वाचित वार्ड पंच मतदान करके अपना उपसरपंच चुनेंगे। ऐसे में सरपंच और पंचों के नतीजों के बाद अब गांवों में बहुमत और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

3,314 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच चुनने की प्रक्रिया आज

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच पद के लिए चुनाव कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया में निर्वाचित वार्ड पंच ही मतदान करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक नामांकन, सुबह 11:30 बजे नामांकन पत्रों की जांच और दोपहर 12 से 1 बजे तक मतदान होना है। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

जयपुर जिले की 212 ग्राम पंचायतों में भी उपसरपंच चुने जा रहे हैं। इसके अलावा अलवर जिले की 205, पाली की 157 और राजसमंद की 133 ग्राम पंचायतों में भी चुनाव प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव परिणाम आने के बाद अब उपसरपंच पद को लेकर भी गांवों में अपने समर्थक प्रत्याशी को जिताने की कवायद तेज हो गई है। हालांकि, अंतिम परिणाम संबंधित पंचायत में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

जयपुर की 212 ग्राम पंचायतों में 86.56 प्रतिशत मतदान

जयपुर जिले में पहले चरण के सरपंच चुनाव में 86.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले की 212 ग्राम पंचायतों में लगभग 7.43 लाख मतदाताओं में से 6.43 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। झोटवाड़ा में सबसे ज्यादा 89.70 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि किशनगढ़ रेनवाल में 81.53 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। दूदू, मौजमाबाद, चौमूं और गोविंदगढ़ में भी अच्छी मतदान भागीदारी रही।

अब सरपंच और वार्ड पंचों के नतीजों के बाद जिले की सभी 212 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच चुनने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। इस चुनाव में वार्ड पंचों का समर्थन निर्णायक होगा।

अलवर, पाली और राजसमंद में भी उपसरपंच चुनाव

अलवर जिले की 205 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच का चुनाव कराया जा रहा है। रामगढ़, कठूमर, खेडली-सौंखर, गोविंदगढ़, मुबारिकपुर और रैणी पंचायत समितियों के अंतर्गत निर्वाचित 1,819 वार्ड पंच अपने उपसरपंच का चुनाव करेंगे।

पाली जिले की 157 ग्राम पंचायतों में भी उपसरपंच पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। यहां नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जानी है।

राजसमंद जिले की 133 ग्राम पंचायतों में भी उपसरपंच चुने जा रहे हैं। इनमें आमेट, चारभुजा, कुंभलगढ़, खमनोर और देलवाड़ा पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतें शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन पंचायतों के करीब 1,155 निर्वाचित वार्ड पंच उपसरपंच के चुनाव में हिस्सा लेंगे।

 बीकानेर की खाजूवाला पंचायत समिति में 30 सरपंचों के नतीजे

बीकानेर जिले की खाजूवाला पंचायत समिति की 30 ग्राम पंचायतों के नतीजे देर रात तक घोषित किए गए। यहां कई सीटों पर जीत-हार के अंतर को लेकर चर्चा रही। उपलब्ध परिणामों के अनुसार, 17KYD से सर्दूल सिंह धालीवाल ने सबसे अधिक मतों से जीत दर्ज की, जबकि 5KYD से एडवोकेट रामकुमार तेतरवाल ने दूसरी बड़ी जीत हासिल की।

सियासर चौगान ग्राम पंचायत में खलील खान लगातार दूसरी बार सरपंच चुने गए। इसके अलावा दंतौर से रामेश्वरलाल बिश्नोई, आनंदगढ़ से रामी देवी, गुल्लुवाली से जगदीप सिंह, 31KYD से भूपेंद्र कुमार, 28KJD से मनोज खिलेरी, सामरदा से एडवोकेट अब्दुल सत्तार, 2KWM से ममता मीना, 40KYD से संजना देवी और बल्लर से महेंद्र कारगवाल ने जीत दर्ज की।

अन्य विजेताओं में 17KHM से हबीब खान, 7PHM से हुसन बानो, 8KYD से सुखप्रीत कौर मान, माधोडिग्गी से बलराम सापूनिया, 34KYD से अंजू कस्वां, 10GM से इस्लाम खान, 2KLD से कविता-कमलेश गिला, 25KYD से केंकू देवी, 10B.D से रामचंद्र, 3PWM से विमला देवी गोदारा, कुंडल से असकर खान, 33KJD से कमला देवी राव, संसारदेसर से श्योकरण राम, 7KLD से खैरा खातून, अल्लदीन से मुमताज खान, 22KYD से सुमित्रा-श्योपतराम पूनिया, 5KJD से ममता-गगन मट्टू, 7SSM से सर्वजीत कौर, 14BD से पुष्पा देवी और 20BD से बबलू के नाम शामिल हैं।

सिरोही की शिवगंज पंचायत समिति में किसे मिली जीत?

सिरोही जिले की शिवगंज पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के सरपंच पद के परिणाम भी सामने आए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यहां कई सीटों पर जीत का अंतर काफी बड़ा रहा, जबकि कुछ पंचायतों में बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला।

शिवगंज पंचायत समिति के विजेताओं और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों का विवरण इस प्रकार है:

- अलपा: बदराम मीणा को 487 वोट मिले। महेंद्र कुमार मीणा को 302 वोट मिले। जीत का अंतर 185 वोट रहा।

- आंदोर: भरत कुमार मेघवाल को 781 और दुलाराम को 340 वोट मिले। अंतर 441 वोट रहा।

- अरथवाड़ा: चेनाराम को 1,146 और किशोर कुमार को 369 वोट मिले। अंतर 777 वोट रहा।

- बड़गांव: राजेंद्र सिंह को 1,527 और दिनेश कुमार को 489 वोट मिले। अंतर 1,038 वोट रहा।

- बागसीन: इंद्रा देवी को 602 और चंद्रा देवी को 573 वोट मिले। अंतर 29 वोट रहा।

- भेव: मुकेश को 435 और विनोद राज को 322 वोट मिले। अंतर 113 वोट रहा।

- छीबागांव: जेटुसिंह को 604 और मोहब्बत सिंह को 579 वोट मिले। अंतर 25 वोट रहा।

- चूली: सारिका सिंह को 793 और शारदा देवी को 336 वोट मिले। अंतर 457 वोट रहा।

- ध्रुबाना: सवाराम भील को 330 और चंदन कुमार को 304 वोट मिले। अंतर 26 वोट रहा।

- जेतपुरा: प्रिया कुमारी को 670 और लीला को 387 वोट मिले। अंतर 283 वोट रहा।

- झाड़ोली वीर: जेठाराम को 998 और महेंद्र कुमार को 901 वोट मिले। अंतर 97 वोट रहा।

- जोगापुरा: हीना को 385 और ममता कुमारी को 344 वोट मिले। अंतर 41 वोट रहा।

- जोयला: शिवम रामावत को 854 और नारायण लाल को 696 वोट मिले। अंतर 158 वोट रहा।

- कैलाश नगर: रिंकू संत को 873 और अलका देवी को 715 वोट मिले। अंतर 158 वोट रहा।

- कालंदरी: थावराराम गरासिया को 376 और लालाराम को 224 वोट मिले। अंतर 152 वोट रहा।

- केसरपुरा: लक्ष्मी कुंवर को 693 और बसंती मीणा को 488 वोट मिले। अंतर 205 वोट रहा।

- खेजड़िया: रणछोड़लाल को 361 और महेंद्र कुमार को 331 वोट मिले। अंतर 30 वोट रहा।

- मण्डार: भानू प्रताप सिंह को 2,381 और ईदाराम को 544 वोट मिले। अंतर 1,837 वोट रहा।

- मण्डानी: गुगी देवी को 849 और फालु देवी को 223 वोट मिले। अंतर 626 वोट रहा।

- मोरली: भावना मेघवाल को 614 और पोनी बाई को 559 वोट मिले। अंतर 55 वोट रहा।

- नरादरा: शोभा कंवर को 808 और ममता गिरधर को 634 वोट मिले। अंतर 174 वोट रहा।

- ओड़ा: पवनी बाई को 392 और गीता कुमारी को 385 वोट मिले। अंतर केवल 7 वोट रहा।

- पालड़ी एम: जितेंद्र कुंवर को 1,232 और उषा को 1,219 वोट मिले। अंतर 13 वोट रहा।

- पोसालिया: संतोष कुंवर को 1,521 और ममता/राजेंद्र को 1,246 वोट मिले। अंतर 275 वोट रहा।

- रोवाड़ा: भमरी कुंवर को 1,145 और सूरज कंवर को 778 वोट मिले। अंतर 367 वोट रहा।

- रुखाड़ा: संपत कुंवर को 680 और किस्मत कंवर को 520 वोट मिले। अंतर 160 वोट रहा।

- उथमन: हिना कुंवर को 926 और सुख कंवर को 536 वोट मिले। अंतर 390 वोट रहा।

- वाण: फतेह सिंह को 820 और नरपत रावल को 134 वोट मिले। अंतर 686 वोट रहा।

इन नतीजों में मण्डार, बड़गांव और अरथवाड़ा जैसी पंचायतों में जीत का अंतर उल्लेखनीय रहा। वहीं, ओड़ा और पालड़ी एम में मुकाबला काफी करीबी रहा। हालांकि, उपरोक्त मतों और नामों को अंतिम रूप से प्रकाशित करने से पहले जिला निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक सूची से मिलान करना उचित होगा।

मण्डार पंचायत समिति में 22 सरपंच निर्वाचित

सिरोही जिले की मण्डार पंचायत समिति के अंतर्गत भी ग्राम पंचायतवार निर्वाचित सरपंचों की सूची जारी की गई। उपलब्ध सूची में विजेताओं के नाम और आरक्षण श्रेणियों का विवरण दिया गया है।

- रायपुर: रमिला देवी पत्नी रमेश कुमार — OBC (महिला)

- जालमपुरा: जोसना देवी पत्नी रतना राम — ST (महिला)

- पीथापुरा एम.: हंसा राम पुत्र रगा राम — OBC

- मोरवड़ा: हरसन राम पुत्र गोवा राम — SC

- बांट: कान्ती पत्नी तेजाराम — OBC

- जैतावाड़ा: धुमा बेन पत्नी राजेश कुमार — सामान्य (महिला)

- वासाडा: नैना देवी पत्नी नितेश कुमार — SC (महिला)

- सोरड़ा: गीता देवी पत्नी दिनेश कुमार — OBC (महिला)

- कुषमा: गोर्धन राम पुत्र बाबरा राम — SC

- सोनेला: बबी बेन पत्नी रणछोड़ राम — OBC (महिला)

- जामठा: मेवा कुमारी पुत्री बाबूलाल — SC (महिला)

- गुन्दवाड़ा: वीणा देवी पत्नी गोखला राम — OBC (महिला)

- पादर: गिरिराज सिंह पुत्र विक्रम सिंह — सामान्य

- मैथीपुरा: देवी देवी पत्नी हीरा राम — ST (महिला)

- भटाणा: मगाराम पुत्र वीराराम — OBC

- भैरूगढ़: शंकर लाल पुत्र गलबा राम — SC

- आवाड़ा: जमना देवी पत्नी भूरा राम — SC (महिला)

- मगरीवाड़ा: कैलाश कुंवर पत्नी हनवन्त सिंह — सामान्य (महिला)

- वरमाण: गुलाब सिंह पुत्र गुमान सिंह — सामान्य

- रोहुआ: कानाराम पुत्र बाबू राम — ST

- वडवज: शैतान कुमार पुत्र मंछा राम — ST

- निम्बज: भवानी सिंह पुत्र हरी सिंह — सामान्य

इन परिणामों के साथ मण्डार क्षेत्र में भी ग्राम पंचायतों को नए सरपंच मिल गए हैं। अब पंचायत स्तर पर विकास कार्यों, स्थानीय समस्याओं और प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने होगी।

मतदान में 80.09 प्रतिशत भागीदारी, बाड़मेर में सबसे ज्यादा वोटिंग

पहले चरण के मतदान को लेकर जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेशभर में कुल 80.09 प्रतिशत वोटिंग हुई। बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति में 93.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही की कालिंद्री पंचायत समिति में मतदान 57.35 प्रतिशत रहा। उपलब्ध रिपोर्ट के एक अन्य हिस्से में बाड़मेर के मंगता में 91.42 प्रतिशत और बीकानेर के पूगल में 90.55 प्रतिशत मतदान का भी उल्लेख है। ये आंकड़े अलग-अलग क्षेत्र या इकाई से संबंधित हो सकते हैं, इसलिए इन्हें एक ही पंचायत समिति के आंकड़े के रूप में नहीं देखना चाहिए।

मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर विवाद और हंगामे की घटनाएं भी सामने आईं। जयपुर जिले के चौमूं क्षेत्र की मोरीजा ग्राम पंचायत में मतपेटी बदले जाने की अफवाह के बाद हंगामा हुआ था। ग्रामीणों ने सामोद पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। तहसीलदार के अनुसार, मामले में आठ लोगों को डिटेन किया गया। हाथनौदा में भी ग्रामीणों ने पोलिंग पार्टी पर मतपत्रों में हेरफेर के आरोप लगाते हुए मतदान केंद्र के बाहर विरोध जताया था। ये आरोप थे; इनकी पुष्टि को लेकर आधिकारिक जांच या प्रशासनिक जानकारी को आधार बनाया जाना चाहिए।

## अब उपसरपंच चुनाव पर टिकी निगाहें

सरपंच और वार्ड पंचों के परिणाम सामने आने के बाद अब उपसरपंच का चुनाव पंचायतों में अगला अहम पड़ाव है। चूंकि उपसरपंच का चुनाव निर्वाचित वार्ड पंच करते हैं, इसलिए इस पद के लिए स्थानीय स्तर पर समर्थन जुटाना महत्वपूर्ण होगा। 3,314 ग्राम पंचायतों में आज होने वाली प्रक्रिया के बाद गांवों के पंचायत नेतृत्व की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।

राजस्थान के पहले चरण में जहां एक ओर मतदान में बड़ी भागीदारी दर्ज हुई, वहीं दूसरी ओर कुछ जगहों पर विवाद भी सामने आए। अब परिणामों के बाद पंचायतों के नए प्रतिनिधियों से स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण समस्याओं के समाधान की उम्मीदें जुड़ी हैं।