मुकेश अंबानी की जियो का IPO बना चर्चा का केंद्र, बड़े निवेशकों के बाद रिटेल की भी जबरदस्त मांग, 23 अक्टूबर तक मौका
जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के आईपीओ का रिटेल कोटा दूसरे दिन फुल। प्राइस बैंड ₹1,065-1,119, आखिरी तारीख 23 अक्टूबर, लिस्टिंग 28 अक्टूबर को संभावित।
मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखने को मिल रही है। पहले दिन बड़े संस्थागत निवेशकों ने जमकर बोलियां लगाईं, जबकि दूसरे दिन खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा भी पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। आईपीओ में आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर है।
भारतीय शेयर बाजार में रिलायंस समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस पब्लिक इश्यू ने शुरुआत से ही निवेशकों का ध्यान खींचा है।
21 अक्टूबर को खुले इस आईपीओ को पहले ही दिन जोरदार प्रतिक्रिया मिली। बड़े वित्तीय संस्थानों के बाद अब आम निवेशकों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है। दूसरे दिन खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब होने की खबर सामने आई है।
हालांकि, किसी आईपीओ का अधिक सब्सक्राइब होना शेयरों के अलॉटमेंट या लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं होता।
पहले दिन ही निवेशकों ने दिखाया उत्साह
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की शुरुआत 21 अक्टूबर को हुई थी। बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती कारोबार के दौरान ही संस्थागत निवेशकों ने बड़े पैमाने पर आवेदन किए।
इश्यू खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर कुल आईपीओ भी पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इसके बाद निवेशकों की ओर से बोलियों का सिलसिला जारी रहा।
पहले कारोबारी दिन के अंत तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा लगभग 9.42 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। यह आंकड़ा बड़े निवेशकों की ओर से दिखाई गई मजबूत मांग को दर्शाता है।
दूसरे दिन रिटेल निवेशकों की एंट्री से बढ़ी हलचल
आईपीओ के दूसरे दिन यानी गुरुवार, 22 अक्टूबर को खुदरा निवेशकों की भागीदारी में तेजी देखने को मिली।
पहले दिन रिटेल कैटेगरी में करीब 73 प्रतिशत शेयरों के मुकाबले आवेदन आए थे। लेकिन दूसरे दिन सुबह तक इस श्रेणी में मांग बढ़ी और रिटेल कोटा पूरी तरह भर गया।
किसी कैटेगरी का एक गुना सब्सक्राइब होने का मतलब है कि उस श्रेणी में जितने शेयर उपलब्ध कराए गए हैं, उनके बराबर आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
इससे अधिक आवेदन आने पर शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाती है।
Jio IPO का प्राइस बैंड कितना है?
- जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में शेयरों की कीमत 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच निर्धारित की गई है।
- रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए 13,428 रुपये की आवश्यकता होगी।
- यह आईपीओ पूरी तरह नए शेयर जारी करने वाला इश्यू है। कंपनी इसके माध्यम से अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर बाजार में ला रही है।
- इसका मतलब है कि इश्यू में मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है।
Jio IPO की महत्वपूर्ण तारीखें
| IPO खुलने की तारीख | 21 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तारीख | 23 अक्टूबर 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹1,065–₹1,119 |
| लॉट साइज | 12 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹13,428 |
| संभावित अलॉटमेंट | 26 अक्टूबर 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 28 अक्टूबर 2026 |
| स्टॉक एक्सचेंज | BSE और NSE |
नए शेयर जारी कर क्या हासिल करना चाहती है जियो?
जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल कारोबार का प्रमुख हिस्सा है। कंपनी टेलीकॉम सेवाओं के अलावा ब्रॉडबैंड, डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड और नई तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
आईपीओ से मिलने वाली राशि कंपनी के पास जाएगी, क्योंकि यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। जुटाए गए धन का इस्तेमाल कंपनी अपने प्रस्ताव दस्तावेजों में निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार करेगी।
जियो का कारोबार भविष्य में 5G नेटवर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग से जुड़ा हुआ है। हालांकि, इन क्षेत्रों में विस्तार के साथ निवेश और प्रतिस्पर्धा से संबंधित चुनौतियां भी मौजूद हैं।
शेयरों का अलॉटमेंट और लिस्टिंग कब होगी?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद होगा। तय कार्यक्रम के मुताबिक शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया 26 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है।
इसके बाद 28 अक्टूबर को कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।
निवेशक शेयरों के आवंटन की स्थिति संबंधित रजिस्ट्रार या स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे।
क्या अधिक सब्सक्रिप्शन से निवेशकों को होगा फायदा?
जियो आईपीओ में संस्थागत और खुदरा निवेशकों की ओर से मिल रही मजबूत प्रतिक्रिया ने बाजार में उत्सुकता बढ़ा दी है।
हालांकि, अधिक सब्सक्रिप्शन को किसी कंपनी के शेयरों में भविष्य की तेजी का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता।
लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत बाजार की मांग, कंपनी के मूल्यांकन, वित्तीय स्थिति और व्यापक शेयर बाजार के माहौल जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।
जिन निवेशकों ने आईपीओ में आवेदन किया है, उनकी नजर अब 23 अक्टूबर को इश्यू बंद होने के बाद अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों, 26 अक्टूबर के संभावित अलॉटमेंट और 28 अक्टूबर की प्रस्तावित लिस्टिंग पर रहेगी।

